अर्वाचीन आयुर्वेद भाग 7

ऐसी दशा में स्वयं भारतवर्ष के अंदर आयुर्वेद की अवस्था अत्यंत सुंदर और आदर्श होना आवश्यक शादान् बुद्ध के समय तक के आयुर्वेद का प्रतिबिंब हमने तक्षशिला के विश्वविधालय कुमार मत् जीवक के वर्णन में देखा है । इसके अनंतर प्राय2 300 वर्ष बाद हमें मौर्य के संस्मरणों में आयुर्वेद का जो इतिहास मिलता है …

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अर्वाचीन आयुर्वेद भाग 6

श्लोडिया (इंडोंचाइना’) में मिलनेवाले शिलालेखों से इस ओर के कार्यों पर बहुत प्रकाश षहुता हे । इस संबंध में भारतीय पोतकला फे इतिहास लेखक श्री राधाकूमुद मुखर्जी बै अपनी पुस्तक ‘1 शां हँसा। डागंह्माशिपु’ मैं बड्डे महत्व की बातें लिखीं हैं ! जिन लोगों का दिशा यह है कि भारतीय समुद्रयात्रा करते ही न ये, …

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अर्वाचीन आयुर्वेद भाग 5

भारत साम्राज्य की पूर्वीय सीमा भारतवर्ष से आ लगी यीहिंदूकुश पर्वत से लेकर काबुल, स्थित और कंधार आदि स्यान भारतवर्ष कै ही अतर्गत थे । चंद्रगुप्त मौर्य से परास्त होकर सैल्यूक्स ने अपनी पुत्री का’विवाह चंद्रगुप्त कें साथ कर दिया और अपना एक दूत भी चंद्रगुप्त कें राजदरबार में नियुक्त किया । इसका नाम मेगास्थनीज …

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अर्वाचीन आयुर्वेद भाग 4

सिकंदर की विशाल सेना मैंकतिपय, यूनानी वेध भी थे, पस्तु अनेक ऐसे रोग ये जिनकी चिकित्सा वे न कर सकै । परंतु सिकंदर ने भारत में आकर र्देखा कि भारतीय वेय उनकी चिकित्सा सफलतापूर्वक करते थे । अतएव उसने अपने विजित प्रदेश में से भारतीय चिकित्सकों क्रो ही सेना के चिकिंत्सार्थ ऊँचेऊँचें पदों पर प्रतिष्ठित …

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अर्वाचीन आयुर्वेद भाग 3

दूत वाक्या में एक घटना यों भी लिखी हे-“एक ब्राह्मण कुमार बहुत गरीब घर में क्या था । उसे शिक्षा की बहुत लगन थी । वह तक्षशिला विश्वविद्यालय में पढने का रुठुत इच्छुक था । पर “आचार्य भाग’ या विश्वविद्यालय की नियत फीस कहौं से तातार अत: उसने प्रतिज्ञा को कि शिक्षा समाप्त होने पर …

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टेलीविजन की क्रांतिकारी शोध

टेलीविजन की क्रांतिकारी शोध अक्टूबर 2 1925 का ऐतिहासिक दिन । लंदन में जॉन लोगी बायर्ड नाम का एक स्कॉटिश संशोधक अपनी प्रयोगशाला में खुद की मेहनत से तैयार किए हुए मिकेनिकल साधन की मदद से एक छोटी सी गुड़िया के सिर पर प्रकाश किरणों की बौछार कर रहा था । अपने प्रयोग से थोड़ा …

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