Skip to main content

जानिए अंगूर खाने के हैं कई फायदे

Image result for अंगूर के फायदे
 इन दिनों अंगूर का मौसम है. बाज़ार में आसानी से काफी सस्ते दामों में अंगूर मिल जाते हैं. अंगूर एक रसीला फल है जो ज़्यादातर लोगों को पसंद होता है. अंगूर की सबसे अच्छी बात ये है कि दूसरे फलों की तरह इसे काटने और छीलने का झंझट नहीं होगा. आमतौर पर दो तरह के अंगूर भारत में मिलते हैं, काले और हरे अंगूर. अंगूर भले ही किसी भी रंग का खाएं, ये आपकी सेहत को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं.


अंगूर प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, सोडियम, फाइबर, विटामिन ए, सी, ई व के, कैल्शियम, कॉपर, मैग्नीशियम, मैंग्नीज, जिंक और आयरन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है. अंगूर खाने से पेट की बीमारियों में राहत मिलती है. अंगूर खाने से कब्ज को दूर किया जा सकता है. वहीं उल्टी आने पर अंगूर पर नमक,काली मिर्च लगाकर खाने से उल्टी आना बंद हो जाती है|

माइग्रेस की समस्या को करता है दूर
अगर आपको माइग्रेन की समस्या है तो आपको अंगूर खाने चाहिए. इससे अंगूर सिरदर्द दर्द से राहत पाई जा सकती है. हो सके तो दर्द होने पर अंगूर का रस पियें, जल्दी फायदा होगा. अंगूर शरीर में खून की कमी को पूरा करता है. इसका कारण है कि इसमें काफी मात्रा में आयरन पाया जाता है. अगर आपको खून की कमी या एनीमिया है तो आपको नियमित रूप से अंगूर खाना चाहिए या अंगूर का रस पीना चाहिए. खून की कमी को दूर करने के लिए एक गिलास अंगूर के जूस में 2 चम्मच शहद मिलकार पीने से खून की कमी दूर हो जाती है.
स्किन पर नैचुरल ग्लो आता है
अंगूर खाने से स्किन पर नैचुरल ग्लो आता है. इससे चेहरे पर होने वाले दाग धब्बों, झुर्रियों से छुटकारा पाया जा सकता है. सुबह-शाम अंगूर खाइए अर्थराइटिस या जोड़ो के दर्द में आराम मिलेगा क्योंकि अंगूर शरीर से उन लवणों को निकाल देता है, जिनके कारण अर्थराइटिस शरीर में बनी रहती है. यदि आप भूख न लगने की समस्या से परेशान हैं और इस वजह से ही आपका वजन भी नहीं बढ़ रहा तो आप ज्यादा से ज्यादा अंगूर खाएं. इसके सेवन से कब्ज की समस्या तो दूर होती ही है, साथ ही भूख भी लगने लग जाती है. अंगूर का रस निकालकर उस रस से गरारे करने से मुंह में होने वाले छालों से राहत पाई जा सकती है.

Comments

Popular posts from this blog

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास
आज हम ऐसे मसाले की बात करने वाले हैओ जिसे आम तौर ख़िर में छिड़का जाता है । जी हाँ , जायफल की ! आपको शायद ताजुब्ब होगा कि ज्यादातर लोग शायद इसकी उत्पत्ति के बारे में विशेष रूप से कुछ नही जाने हैं ।समें कोई संदेह नहीं है – यह सुपरमार्केट में मसाला गलियारे से आता है, है ना? लेकिन इस मसाले के पीछे दुखद और खूनी इतिहास छुपा छह है । लेकिन सदियों से जायफल की खोज में हजारों लोगों की मौत हो गई है। जायफल क्या है?

सबसे पहले हम जानते है कि आखिर ये जायफ़ल है क्या ? तो ये नटमेग मिरिस्टिका फ्रेंगनस पेड़ के बीज से आता है । जो बांदा द्वीपों की लंबीसदाबहार प्रजाति है जो इंडोनेशिया के मोलुकस या स्पाइस द्वीप समूह का हिस्सा हैं। जायफल के बीज की आंतरिक गिरी को जायफल में जमीन पर रखा जाता है ।जबकि अरिल (बाहरी लेसी कवर) से गुदा निकलता है। जायफल को लंबे समय से न केवल भोजन के स्वाद के रूप में बल्कि इसके औषधीय गुणों के लिए भी महत्व दिया गया है। वास्तव में जब बड़ी मात्रा में जायफल लिया जाता है तो जायफल एक ल्यूकोसिनोजेन है जो मिरिस्टिसिन नामक एक साइकोएक्टिव केमिकल के कारण होता…

P M JAY HOSPITAL LIST

P M JAY HOSPITAL LIST