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पांच बीमारियों की जड़ है मोटापा

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पटना। मोटापा सबसे बड़ी बीमारी है। यह न केवल स्वयं एक बीमारी है, बल्कि यह पांच और बीमारियों को जन्म देती है। मोटापा पर नियंत्रण रखने से पांच बीमारियां स्वत: कंट्रोल में रहती हैं। ये बातें रविवार को इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आइजीआइएमएस) में आयोजित पूर्वाचल गैस्ट्रोकॉन के दूसरे दिन कटक से आए वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एसपी सिंह ने कहीं।

डॉ. सिंह ने कहा कि मोटे व्यक्ति का बीपी हमेशा बढ़ा रहता है। उसे मधुमेह होने की शिकायत भी रहती है। मोटे व्यक्ति के जोड़ों में दर्द होने की शिकायत होती है। मोटे व्यक्ति का लिवर फैटी हो जाता है और ऐसे व्यक्ति में किडनी फेल होने आशंका बढ़ जाती है।
45 मिनट करें नियमित व्यायाम
डॉ. सिंह ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए मोटापा पर नियंत्रण बहुत जरूरी है। मोटापा पर नियंत्रण के लिए जरूरी है कि व्यक्ति कम से कम 45 मिनट प्रतिदिन व्यायाम करें। खान-पान पर नियंत्रण रखें। जीवनशैली को संतुलित रखें। केवल दवा खाने से मोटापा पर नियंत्रण संभव नहीं है।
किडनी व लिवर के मरीजों को दें दवा की आधी डोज
दिल्ली एम्स से आए डॉ. गोविंद माखड़िया ने कहा कि वर्तमान में किडनी एवं लिवर की समस्या काफी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में डॉक्टरों को सामान्य मरीजों की अपेक्षा किडनी एवं लिवर के मरीजों का इलाज विशेष सावधानी से करने की जरूरत है। ऐसे मरीजों को सामान्य मरीजों की तुलना में डोज आधा देने की जरूरत होती है, नहीं तो दवाओं का उल्टा असर होता है।
इंडोस्कॉपी से पित्त की पत्थरी तोड़ना आसान
डॉ. वीरेंद्र सिंह ने कहा कि पित्त की थैली के पत्थरी को तोड़ने में इंडोस्कोपी काफी कारगर साबित हो रही है। इसके अलावा इंडोस्कोपी विधि से आंत में बनने वाले ट्यूमर की बॉयोप्सी भी ली जा सकती है।
गॉल ब्लाडर का बढ़ रहा कैंसर
आइजीआइएमएस के अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल का कहना है सूबे में गॉल ब्लाडर का कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। इसके अलावा प्रदेश में पीलिया की बीमारी काफी तेजी से फैल रही है। यह एक महामारी का रूप लेती जा रही है। लोगों में जागरूकता पैदा कर इस बीमारी को रोका जा सकता है। इसके अलावा आंत के कैंसर की बीमारी भी सूबे में तेजी से फैल रही है। रविवार को पूर्वाचल गैस्ट्रोकॉन का समापन हो गया।
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डॉ. एसके आस्तीक बने आइएसजी के अध्यक्ष
आज के समारोह में इंडियन सोसायटी आफ गैस्ट्रोलॉजी की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया।
नई कार्यकारिणी में डॉ.एसके आस्तीक को अध्यक्ष, डॉ. प्रियरंजन एवं डॉ. रमेश चंद्रा को उपाध्यक्ष, डॉ. आशीष कुमार को सचिव बनाया गया है।

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आज हम ऐसे मसाले की बात करने वाले हैओ जिसे आम तौर ख़िर में छिड़का जाता है । जी हाँ , जायफल की ! आपको शायद ताजुब्ब होगा कि ज्यादातर लोग शायद इसकी उत्पत्ति के बारे में विशेष रूप से कुछ नही जाने हैं ।समें कोई संदेह नहीं है – यह सुपरमार्केट में मसाला गलियारे से आता है, है ना? लेकिन इस मसाले के पीछे दुखद और खूनी इतिहास छुपा छह है । लेकिन सदियों से जायफल की खोज में हजारों लोगों की मौत हो गई है। जायफल क्या है?

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