Skip to main content

मोबाइल की बैटरी की लाइफ़ केसे बढ़ाएँ

Image result for mobile बैटरी लाइफ केसे बढ़ाये
जैसे-जैसे डेटा का इस्तेमाल बढ़ रहा है, बैटरी की खपत भी बढ़ रही है इसीलिए बैटरी की लाइफ़ बढ़ाने के नुस्ख़े जानना आपके लिए ज़रूरी है.

वाई-फ़ाई, ब्लूटूथ और जीपीएस, क्या ये सब आपको हर समय चाहिए?
ये तीनों सुविधाएँ उस वक़्त बंद कर दें जब उनकी ज़रूरत नहीं हो. नहीं तो बैटरी लाइफ़ पर ख़ासा फ़र्क़ पड़ता है.
बैकग्राउंड में कई ऐप आपकी बैटरी खाते रहते हैं, इनकी संख्या जितनी कम होगी, उतना बढ़िया होगा.

ब्राइटनेस ख़ुद सेट करें


समय-समय पर इसकी जाँच करते रहें. लाइव वॉलपेपर या स्क्रीन-सेवर भी बैटरी के दुश्मन हैं.
स्क्रीन की ब्राइटनेस ऑटोमेटिक नहीं रखें, उसे खुद सेट करें, स्क्रीन जितनी काम ब्राइट होगी, बैटरी उतनी ज़्यादा चलेगी.
अगर फ़ोन में बैटरी सेविंग मोड का विकल्प है तो उसका ज़रूर इस्तेमाल करें.
जैसे ही आपकी बैटरी कम होगी, गैरज़रूरी ऐप्स को फ़ोन खुद ही बंद कर देता है.

ऐप जो ज़्यादा बैटरी खाता है

एक्टिव न रहने पर ज़्यादातर स्मार्टफ़ोन आइडल मोड में चले जाते हैं, सेटिंग में जाकर तक़रीबन पाँच मिनट का समय डालें ताकि पाँच मिनट के बाद फ़ोन आइडल मोड में चला जाए.
अगर यह समय लंबा हुआ तो फ़ोन की स्क्रीन बिना काम के देर तक ऑन रहेगी और बैटरी जाती रहेगी.
कुछ दिनों पर ये ज़रूर चेक करें कि सबसे ज़्यादा बैटरी किस ऐप को चलाने में इस्तेमाल हो रही है.
बैटरी लाइफ बढ़ाने में ये सब मददगार होंगे.
अगर इन सब में से कुछ भी नहीं कर सकते तो बैटरी एक्सटेंडेर खरीद लें.
ज़्यादातर स्मार्टफोन के मॉडल के लिए बैटरी एक्सटेंडेर बाजार में मिलता है जो बैटरी ख़त्म होने के बाद, और अधिक समय तक अतिरिक्त बैटरी देगा.

Comments

Popular posts from this blog

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास आज हम ऐसे मसाले की बात करने वाले हैओ जिसे आम तौर ख़िर में छिड़का जाता है । जी हाँ , जायफल की ! आपको शायद ताजुब्ब होगा कि ज्यादातर लोग शायद इसकी उत्पत्ति के बारे में विशेष रूप से कुछ नही जाने हैं ।समें कोई संदेह नहीं है – यह सुपरमार्केट में मसाला गलियारे से आता है, है ना? लेकिन इस मसाले के पीछे दुखद और खूनी इतिहास छुपा छह है । लेकिन सदियों से जायफल की खोज में हजारों लोगों की मौत हो गई है। जायफल क्या है? सबसे पहले हम जानते है कि आखिर ये जायफ़ल है क्या ? तो ये नटमेग मिरिस्टिका फ्रेंगनस पेड़ के बीज से आता है । जो बांदा द्वीपों की लंबीसदाबहार प्रजाति है जो इंडोनेशिया के मोलुकस या स्पाइस द्वीप समूह का हिस्सा हैं। जायफल के बीज की आंतरिक गिरी को जायफल में जमीन पर रखा जाता है ।जबकि अरिल (बाहरी लेसी कवर) से गुदा निकलता है। जायफल को लंबे समय से न केवल भोजन के स्वाद के रूप में बल्कि इसके औषधीय गुणों के लिए भी महत्व दिया गया है। वास्तव में जब बड़ी मात्रा में जायफल लिया जाता है तो जायफल एक ल्यूकोसिनोजेन है जो मिरिस्टिसिन नामक एक साइकोएक्टिव केम

18 अनसुनी बाते ताजमहल की! यह बाते आपने कही नहीं सुनी होगी!!!

ताजमहल सिर्फ़ प्यार की निशानी ही नहीं हैं, बल्कि इसका नाम दुनिया के सात अजूबों में भी शुमार किया जाता है. इस खूबसूरत और प्यार की कहानी बयां करने वाली इमारत को किसने किस लिए बनवाया हम सब जानते हैं पर इसके बावजूद बहुत सी ऐसी बातें भी है जिन्हें हम नहीं जानते. हम आज आपको ताजमहल के उन्हीं रहस्यों के बारे में बता रहे हैं, जो इस खूबसूरत इमारत की चकाचौंध में नहीं दिखाई पड़ते. 1. मुमताज़ के मकबरे की छत पर एक छेद मकबरे की छत की छेद से टपकते पानी की बूंद के पीछे कई कहानियां प्रचलित है, जिसमें से एक यह है कि जब शाहजहां ने सभी मज़दूरों के हाथ काट दिए जाने की घोषणा की ताकि वे कोई और ऐसी खूबसूरत इमारत न बना सके तो मजदूरों ने ताजमहल को पूरा के बावजूद इसमें एक ऐसी कमी छोड़ दी जिससे शाहजहां का खूबसूरत सपना पूरा न हो सके. Source:  wallpaperup 2. ताजमहल के चारों ओर बांस का घेरा द्वितीय विश्व युद्ध, 1971 भारत-पाक युद्ध और 9/11 के बाद इस भव्य इमारत की सुरक्षा के लिए ASI ने ताजमहल के चारों और बांस का सुरक्षा घेरा बना कर उसे हरे रंग की चादर से ढक दिया था, जिससे ताजमहल दुश्मनों को नज़र न आये और इसे किसी प्रकार की