Skip to main content

सचिन तेंदुलकर ने लॉन्च किया srt.phone, जानिए क्या है खास



Smartron स्टार्टअप कंपीन की ओर से लॉन्च किया गया यह सचिन तेंदुलकर सीरीज का पहला फोन है

नई दिल्ली। नई दिल्ली के इवेंट में सचिन तेंदुलकर ने अपने नाम वाली सीरीज का स्मार्टफोन लॉन्च किया है। यह स्मार्टफोन Smartron कंपनी का है जिसे srt.phone मॉडल नेम से लाया गया हें यह सचिन तेंदुलकर सीरीज का पहला स्मार्टफोन है जिसे खुद उन्होंने लॉन्च किया है।

4जीबी रैम से लैस
Smartron srt.phone स्मार्टफोन में 4GB रैम और 32GB की इंटरनल मेमोरी दी गई है। इसके अलावा इसका दूसरा वेरियंट भी लाया गया है जिसमें 4GB रैम और इंटरनल मेमोरी 64GB की है। इसके 32GB इंटरनल मेमोरी वेरियंट की कीमत 12999 रुपए है। वहीं, 64GB इंटरनल मेमोरी वाले वेरियंट को 13999 रुपए में उतारा गया है। ससमें बॉडी मेटल फिनिश और पीछे की तरफ फिंगरप्रिंट स्कैनर है। यह एंड्रॉयड नॉगट 7.1.1 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है। इसमें Snapdragon 652 प्रोसेसर है।
बड़ा डिस्पले और पावरफुल कैमरे
इसमें 5.5 इंच की फुल एचडी डिस्पले स्क्रीन है। इस स्मार्टफोन में ऑटो फोकस, सिंगल एलईडी और फेस डिटेक्शन ऑटोफोकस के साथ 13 मेगापिक्सल का पीछे और 5 मेगापिक्सल वाइड एंगल फ्रंट कैमरा दिया गया है। यह फोन 3,000mAh क्विक चार्ज तकनीक वाली बैटरी के साथ आया है।
1500 रुपए की छूट
इस हैंडसेट पर कंपनी की ओर से एक्सचेंज के तहत 1500 रुपए दी जा रही है। साथ ही 599 रुपए की कीमत वाला सचिन तेंदुलकर बैक कवर भी फ्री दिया जा रहा है। इतना ही नहीं ​बल्कि ग्राहक 1499 रुपए एक्स्ट्रा देकर इसकी वॉरंटी एक साल के लिए बढ़वा सकते हैं।
संदर्भ पढ़ें

Comments

Popular posts from this blog

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास आज हम ऐसे मसाले की बात करने वाले हैओ जिसे आम तौर ख़िर में छिड़का जाता है । जी हाँ , जायफल की ! आपको शायद ताजुब्ब होगा कि ज्यादातर लोग शायद इसकी उत्पत्ति के बारे में विशेष रूप से कुछ नही जाने हैं ।समें कोई संदेह नहीं है – यह सुपरमार्केट में मसाला गलियारे से आता है, है ना? लेकिन इस मसाले के पीछे दुखद और खूनी इतिहास छुपा छह है । लेकिन सदियों से जायफल की खोज में हजारों लोगों की मौत हो गई है। जायफल क्या है? सबसे पहले हम जानते है कि आखिर ये जायफ़ल है क्या ? तो ये नटमेग मिरिस्टिका फ्रेंगनस पेड़ के बीज से आता है । जो बांदा द्वीपों की लंबीसदाबहार प्रजाति है जो इंडोनेशिया के मोलुकस या स्पाइस द्वीप समूह का हिस्सा हैं। जायफल के बीज की आंतरिक गिरी को जायफल में जमीन पर रखा जाता है ।जबकि अरिल (बाहरी लेसी कवर) से गुदा निकलता है। जायफल को लंबे समय से न केवल भोजन के स्वाद के रूप में बल्कि इसके औषधीय गुणों के लिए भी महत्व दिया गया है। वास्तव में जब बड़ी मात्रा में जायफल लिया जाता है तो जायफल एक ल्यूकोसिनोजेन है जो मिरिस्टिसिन नामक एक साइकोएक्टिव केम

18 अनसुनी बाते ताजमहल की! यह बाते आपने कही नहीं सुनी होगी!!!

ताजमहल सिर्फ़ प्यार की निशानी ही नहीं हैं, बल्कि इसका नाम दुनिया के सात अजूबों में भी शुमार किया जाता है. इस खूबसूरत और प्यार की कहानी बयां करने वाली इमारत को किसने किस लिए बनवाया हम सब जानते हैं पर इसके बावजूद बहुत सी ऐसी बातें भी है जिन्हें हम नहीं जानते. हम आज आपको ताजमहल के उन्हीं रहस्यों के बारे में बता रहे हैं, जो इस खूबसूरत इमारत की चकाचौंध में नहीं दिखाई पड़ते. 1. मुमताज़ के मकबरे की छत पर एक छेद मकबरे की छत की छेद से टपकते पानी की बूंद के पीछे कई कहानियां प्रचलित है, जिसमें से एक यह है कि जब शाहजहां ने सभी मज़दूरों के हाथ काट दिए जाने की घोषणा की ताकि वे कोई और ऐसी खूबसूरत इमारत न बना सके तो मजदूरों ने ताजमहल को पूरा के बावजूद इसमें एक ऐसी कमी छोड़ दी जिससे शाहजहां का खूबसूरत सपना पूरा न हो सके. Source:  wallpaperup 2. ताजमहल के चारों ओर बांस का घेरा द्वितीय विश्व युद्ध, 1971 भारत-पाक युद्ध और 9/11 के बाद इस भव्य इमारत की सुरक्षा के लिए ASI ने ताजमहल के चारों और बांस का सुरक्षा घेरा बना कर उसे हरे रंग की चादर से ढक दिया था, जिससे ताजमहल दुश्मनों को नज़र न आये और इसे किसी प्रकार की