Skip to main content

झूठ लगती हैं पर सच हैं ये 15 बातें, सुनकर चौंक जाएंगे जरुर जानिए

झूठ लगती हैं पर सच हैं ये 15 बातें, सुनकर चौंक जाएंगे
झूठ लगती हैं पर सच हैं ये 15 बातें, सुनकर चौंक जाएंगे

दुनिया विविधताओं से भरी हुई है। कई बार कुछ बातें सुनकर हमें विश्वास नहीं होता लेकिन वे बातें सच होती हैं। आज हम आपको दुनिया के ऐसे ही 15 फैक्ट्स के बारे में बताने जा रहे हे 
रूस का क्षेत्रफल

रूस का क्षेत्रफल प्लुटो के संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल से भी ज्यादा है।

अगर आप धरती के एक किनारे से दूसरे किनारे तक सुरंग बनाने में कामयाब हो जाएं तो आप 42 मिनट में धरती के एक किनारे से दूसरे किनारे पहुंच जाएंगे।

अंतरिक्ष से आप पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी की सीमा को देख सकते हैं। ऐसा उन क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले अलग-अलग लाइट बल्बों के इस्तेमाल के कारण होता है।
ब्लू वेल का दिल

ब्लू वेल का दिल इतना बड़ा होता है कि उसकी
धमनियों से होकर एक बच्चा आसानी से तैर सकता है।

इंसान के डीएनए और केले के डीएनए में 50 फीसदी समानता होती है।

केंचुए के शरीर में पांच दिल होते हैं।
शनि ग्रह पर हीरों की बारिश

शनि और वृहस्पति ग्रह पर वाकई में हीरों की बारिश होती है।

कोला बियर और इंसान के फिंगरप्रिंट्स में इतनी समानता होती है कि इलेक्ट्रोन माइक्रोस्कोप से भी देखने पर वह अलग नजर नहीं आता है।

वॉटर बियर धरती पर सबसे मजबूत प्राणी है। वह कैसी भी मुश्किल जलवायु जैसे उबाल मारने वाले तापमान, विकिरण और निर्वात तक में जिंदा रह सकता है।
हमिंग बर्ड

हमिंगबर्ड ही एकमात्र ऐसी पक्षी है जो उलटी दिशा में भी उड़ सकती है।

इस बात की 100 फीसदी संभावना है कि आप जिस गिलास में पानी पीते हैं, उसका कम से कम एक अणु उस पानी का हिस्सा रहा होगा जो कभी डायनासौर के जिस्म से गुजरा हो।

हमारे शरीर में रहने वाले जीवाणु उन कोशिकाओं का 10 गुना हो जाते हैं, जिनसे मिलकर वे बने होते हैं।

शहद खराब नहीं होता

शहद कभी खराब नहीं होता है। इसे सिर्फ आप एक या दो साल तक ही नहीं बल्कि आजीवन सुरक्षित रख सकते हैं।

शनि ग्रह के चंद्रमा टाइटन पर ग्रेविटी इतनी कम है और वायुमंडल इतना घना है कि आपके हाथों की स्थान पर अगर छोटे पंख होते तो आप उड़ सकते थे।

दुनिया भर के सागरों के पानी में जितना अणु नहीं है, उससे ज्यादा एक गिलास पानी में होता है।





Comments

Popular posts from this blog

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास आज हम ऐसे मसाले की बात करने वाले हैओ जिसे आम तौर ख़िर में छिड़का जाता है । जी हाँ , जायफल की ! आपको शायद ताजुब्ब होगा कि ज्यादातर लोग शायद इसकी उत्पत्ति के बारे में विशेष रूप से कुछ नही जाने हैं ।समें कोई संदेह नहीं है – यह सुपरमार्केट में मसाला गलियारे से आता है, है ना? लेकिन इस मसाले के पीछे दुखद और खूनी इतिहास छुपा छह है । लेकिन सदियों से जायफल की खोज में हजारों लोगों की मौत हो गई है। जायफल क्या है? सबसे पहले हम जानते है कि आखिर ये जायफ़ल है क्या ? तो ये नटमेग मिरिस्टिका फ्रेंगनस पेड़ के बीज से आता है । जो बांदा द्वीपों की लंबीसदाबहार प्रजाति है जो इंडोनेशिया के मोलुकस या स्पाइस द्वीप समूह का हिस्सा हैं। जायफल के बीज की आंतरिक गिरी को जायफल में जमीन पर रखा जाता है ।जबकि अरिल (बाहरी लेसी कवर) से गुदा निकलता है। जायफल को लंबे समय से न केवल भोजन के स्वाद के रूप में बल्कि इसके औषधीय गुणों के लिए भी महत्व दिया गया है। वास्तव में जब बड़ी मात्रा में जायफल लिया जाता है तो जायफल एक ल्यूकोसिनोजेन है जो मिरिस्टिसिन नामक एक साइकोएक्टिव केम

18 अनसुनी बाते ताजमहल की! यह बाते आपने कही नहीं सुनी होगी!!!

ताजमहल सिर्फ़ प्यार की निशानी ही नहीं हैं, बल्कि इसका नाम दुनिया के सात अजूबों में भी शुमार किया जाता है. इस खूबसूरत और प्यार की कहानी बयां करने वाली इमारत को किसने किस लिए बनवाया हम सब जानते हैं पर इसके बावजूद बहुत सी ऐसी बातें भी है जिन्हें हम नहीं जानते. हम आज आपको ताजमहल के उन्हीं रहस्यों के बारे में बता रहे हैं, जो इस खूबसूरत इमारत की चकाचौंध में नहीं दिखाई पड़ते. 1. मुमताज़ के मकबरे की छत पर एक छेद मकबरे की छत की छेद से टपकते पानी की बूंद के पीछे कई कहानियां प्रचलित है, जिसमें से एक यह है कि जब शाहजहां ने सभी मज़दूरों के हाथ काट दिए जाने की घोषणा की ताकि वे कोई और ऐसी खूबसूरत इमारत न बना सके तो मजदूरों ने ताजमहल को पूरा के बावजूद इसमें एक ऐसी कमी छोड़ दी जिससे शाहजहां का खूबसूरत सपना पूरा न हो सके. Source:  wallpaperup 2. ताजमहल के चारों ओर बांस का घेरा द्वितीय विश्व युद्ध, 1971 भारत-पाक युद्ध और 9/11 के बाद इस भव्य इमारत की सुरक्षा के लिए ASI ने ताजमहल के चारों और बांस का सुरक्षा घेरा बना कर उसे हरे रंग की चादर से ढक दिया था, जिससे ताजमहल दुश्मनों को नज़र न आये और इसे किसी प्रकार की