Skip to main content

जरूर जान ले फिक्स्ड डिपॉजिट करवाने से पहले 8 बड़ी बातें

Image result for investmentनोटबंदी के बाद से ही लोग नकदी की समस्या को लेकर परेशान हैं, व्यापारियों का धंधा चौपट हो रहा है तो आम लोग रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें खरीदने मे मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। इस बीच लोग अपनी जमा पूंजी को सही जगह निवेश करने को मौके तलाश रहे हैं ताकि उनका पैसा सुरक्षित रहे।


 उस समय जब शेयर बाजार टूट रहा है, सोना भी लगातार कमजोर हो रहा है तो ऐसे में फिक्स्ड डिपॉजिट एक बेहतर विकल्प माना जाता है। लेकिन मौजूदा समय में अगर आप एफडी कराने की सोच रहे हैं तो आपको यह 8 बातें जरूर जान लेनी चाहिए।


  • १.  केंद्र सरकार की ओर से लिए गए नोटबंदी के फैसले के बाद बैंकों के पास भारी मात्रा में नकदी आई जिसे देखते हुए लगभग सभी बैंकों ने अपनी जमा दरों में कटौती की है।

  • २.  बहुत सारे बैंक 7 दिन से लेकर 10 साल तक की एफडी की पेशकश करते हैं।

  • ३. रत्नाकर बैंक और आईडीबीआई बैंक 20 साल तक की एफडी की पेशकश भी करते हैं।

  • ४. बहुत ही कम अवधि की जमाओं के लिए ब्याज दर बचत खाता के समान होती है तो इसलिए आपको एफडी के बारे में घबराने की जरूरत नहीं है। सेविंग अकाउंट में 10,000 रुपए तक का ब्याज करमुक्त होता है।

  • ५. ज्यादातर बैंक चक्रवृद्धि ब्याज त्रैमासिक आधार पर निकालते हैं।

  • ६.  बैंक फिकस्ड डिपॉजिट (सावधि जमा) में उपलब्ध राशि के आधार पर लोन/ ओवरड्राफ्ट की पेशकश करते हैं। यह ब्याज दर आमतौर पर एफडी की तुलना मे 0.5 फीसदी से 1 फीसदी तक ज्यादा होती है।

  • ७. अगर एक वित्तीय वर्ष में आपकी ब्याज आय 10,000 रुपए से ज्यादा होती है तो टीडीएस (स्रोत पर कटने वाला कर) 10 फीसदी की दर से काटा जाता है।

  • ८. वहीं अगर आप एफडी का पैसा म्युच्योरिटी पीरियड से पहले निकालते हैं तो आपको जुर्माना तक देना पड़ सकता है।

Comments

Popular posts from this blog

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास आज हम ऐसे मसाले की बात करने वाले हैओ जिसे आम तौर ख़िर में छिड़का जाता है । जी हाँ , जायफल की ! आपको शायद ताजुब्ब होगा कि ज्यादातर लोग शायद इसकी उत्पत्ति के बारे में विशेष रूप से कुछ नही जाने हैं ।समें कोई संदेह नहीं है – यह सुपरमार्केट में मसाला गलियारे से आता है, है ना? लेकिन इस मसाले के पीछे दुखद और खूनी इतिहास छुपा छह है । लेकिन सदियों से जायफल की खोज में हजारों लोगों की मौत हो गई है। जायफल क्या है? सबसे पहले हम जानते है कि आखिर ये जायफ़ल है क्या ? तो ये नटमेग मिरिस्टिका फ्रेंगनस पेड़ के बीज से आता है । जो बांदा द्वीपों की लंबीसदाबहार प्रजाति है जो इंडोनेशिया के मोलुकस या स्पाइस द्वीप समूह का हिस्सा हैं। जायफल के बीज की आंतरिक गिरी को जायफल में जमीन पर रखा जाता है ।जबकि अरिल (बाहरी लेसी कवर) से गुदा निकलता है। जायफल को लंबे समय से न केवल भोजन के स्वाद के रूप में बल्कि इसके औषधीय गुणों के लिए भी महत्व दिया गया है। वास्तव में जब बड़ी मात्रा में जायफल लिया जाता है तो जायफल एक ल्यूकोसिनोजेन है जो मिरिस्टिसिन नामक एक साइकोएक्टिव केम

18 अनसुनी बाते ताजमहल की! यह बाते आपने कही नहीं सुनी होगी!!!

ताजमहल सिर्फ़ प्यार की निशानी ही नहीं हैं, बल्कि इसका नाम दुनिया के सात अजूबों में भी शुमार किया जाता है. इस खूबसूरत और प्यार की कहानी बयां करने वाली इमारत को किसने किस लिए बनवाया हम सब जानते हैं पर इसके बावजूद बहुत सी ऐसी बातें भी है जिन्हें हम नहीं जानते. हम आज आपको ताजमहल के उन्हीं रहस्यों के बारे में बता रहे हैं, जो इस खूबसूरत इमारत की चकाचौंध में नहीं दिखाई पड़ते. 1. मुमताज़ के मकबरे की छत पर एक छेद मकबरे की छत की छेद से टपकते पानी की बूंद के पीछे कई कहानियां प्रचलित है, जिसमें से एक यह है कि जब शाहजहां ने सभी मज़दूरों के हाथ काट दिए जाने की घोषणा की ताकि वे कोई और ऐसी खूबसूरत इमारत न बना सके तो मजदूरों ने ताजमहल को पूरा के बावजूद इसमें एक ऐसी कमी छोड़ दी जिससे शाहजहां का खूबसूरत सपना पूरा न हो सके. Source:  wallpaperup 2. ताजमहल के चारों ओर बांस का घेरा द्वितीय विश्व युद्ध, 1971 भारत-पाक युद्ध और 9/11 के बाद इस भव्य इमारत की सुरक्षा के लिए ASI ने ताजमहल के चारों और बांस का सुरक्षा घेरा बना कर उसे हरे रंग की चादर से ढक दिया था, जिससे ताजमहल दुश्मनों को नज़र न आये और इसे किसी प्रकार की