Skip to main content

जानिए GST लागू होने के साथ ही सस्ती हो गईं ये चीजें

जीएसटी लागू होने के साथ ही देश में तमाम उत्पादों की कीमतों में उतार-चढ़ाव आ गया। कुछ चीजें पहले से महंगी हो गईं तो कुछ प्रॉडक्ट्स और सेवाओं पर लोगों को बड़ी राहत मिल गई। जीएसटी काउंसिल ने 1,211 आइटम्स को 18 पर्सेंट के टैक्स स्लैब में रखा है। नीचे लिस्ट में देखें, शुक्रवार की आधी रात को जीएसटी लागू होने के साथ ही कौन सी चीजें हो गईं सस्ती।


खाने की ये चीजें हो गईं सस्ती
1. मिल्क पाउडर
2. दही 
3.छाछ
4.गैर-ब्रैंडेड शहद 
5. डेयरी स्प्रेड 
6. पनीर 
7. मसाले
8. चाय 
9. गेहूं 
10. चावल 
11. आटा 
12. मूंगफली तेल
13. तिल का तेल 
14. सूरजमुखी का तेल 
15. नारियल तेल 
16. सरसों तेल (Mustard oil) 
17. शुगर
18. गुड़ 
19. शुगर कन्फेक्शनरी
20. पास्ता 
21. स्पाघेटी 
22. मकरोनी
23. नूडल्स
24. फल और सब्जियां
25. अचार 
26. मुरब्बा 
27. चटनी 
28. मिठाइयां
29. केचअप
30. सॉसेज
31. टॉपिंग्स ऐंड स्प्रेड्स 
32. इंस्टैंट फूड मिक्स
33. मिनरल वॉटर 
34.बर्फ
35. खंडसारी
36. बिस्किट्स
37. रायसिन ऐंड गम
38. बेकिंग पाउडर 
39. नकली मक्खन
40. काजू


दैनिक उपयोग के इन प्रॉडक्ट्स के भी दाम हो गए कम
1. नहाने का साबुन 
2. हेयर ऑइल 
3. डिटर्जेंट पाउडर 
4. साबुन
5. टिशू पेपर्स 
6. नैपकिन्स
7. माचिस
8. कैंडल्स 
9. कोयला 
10. केरोसिन
11. घरेलू एलपीजी गैस
12. चम्मच
13. कांटे 
14. करछुल
15. स्किमर्स 
16. केक सर्वर्स
17. मछली का चाकू 
18. चिमटा 
19. अगरबत्ती 
20. टूथपेस्ट 
21. दंतमंजन 
22. हेयर ऑइल 
23. काजल 
24. एलीपीजी स्टोव 
25. प्लास्टिक तिरपाल


स्टेशनरी
1. नोटबुक्स 
2. पेन 
3. सभी तरह के पेपर
4. ग्राफ पेपर
5. स्कूल बैग
6. एक्सरसाइज बुक्स
7. पिक्चर, ड्रॉइंग और कलर बुक्स 
8. चर्मपत्र
9. कार्बन पेपर 
10. प्रिंटर्स

हेल्थकेयर में इन चीजों के घट गए दाम

1. इन्सुलिन 
2. एक्सरे फिल्म्स 
3. डायग्नोस्टिक किट्स 
4. नजर के चश्मों के लिए ग्लास 
5. डायबिटीज और कैंसर की दवाएं

कपड़े और फुटवियर
1. सिल्क
2. वूलन फैब्रिक 
3. खादी यार्न
4. गांधी टोपी
5. 500 रुपये से कम के फुटवियर 


इन सामानों के भी घट गए दाम1. 15 हॉर्सपावर से कम के डीजल इंजन 
2. ट्रैक्टर के टायर और ट्यूब 
3. सिलाई मशीन
4. स्टैटिक कन्वर्टर्स
5. बिजली के ट्रांसफार्मर
6. वाइंडिंग वायर्स
7. हेल्मेट
8. पटाखे 
9. ल्यूब्रिकेंट्स
10. बाइक
11.100 रुपये से कम के मूवी टिकट
12. पतंगें
13. लग्जरी कारें
14. मोटरसाइकल
15. स्कूटर्स 
16. इकॉनमी क्लास एयर टिकट
17. 7,500 रुपये के टैरिफ वाले होटल 
18. सीमेंट

Comments

Popular posts from this blog

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास आज हम ऐसे मसाले की बात करने वाले हैओ जिसे आम तौर ख़िर में छिड़का जाता है । जी हाँ , जायफल की ! आपको शायद ताजुब्ब होगा कि ज्यादातर लोग शायद इसकी उत्पत्ति के बारे में विशेष रूप से कुछ नही जाने हैं ।समें कोई संदेह नहीं है – यह सुपरमार्केट में मसाला गलियारे से आता है, है ना? लेकिन इस मसाले के पीछे दुखद और खूनी इतिहास छुपा छह है । लेकिन सदियों से जायफल की खोज में हजारों लोगों की मौत हो गई है। जायफल क्या है? सबसे पहले हम जानते है कि आखिर ये जायफ़ल है क्या ? तो ये नटमेग मिरिस्टिका फ्रेंगनस पेड़ के बीज से आता है । जो बांदा द्वीपों की लंबीसदाबहार प्रजाति है जो इंडोनेशिया के मोलुकस या स्पाइस द्वीप समूह का हिस्सा हैं। जायफल के बीज की आंतरिक गिरी को जायफल में जमीन पर रखा जाता है ।जबकि अरिल (बाहरी लेसी कवर) से गुदा निकलता है। जायफल को लंबे समय से न केवल भोजन के स्वाद के रूप में बल्कि इसके औषधीय गुणों के लिए भी महत्व दिया गया है। वास्तव में जब बड़ी मात्रा में जायफल लिया जाता है तो जायफल एक ल्यूकोसिनोजेन है जो मिरिस्टिसिन नामक एक साइकोएक्टिव केम

18 अनसुनी बाते ताजमहल की! यह बाते आपने कही नहीं सुनी होगी!!!

ताजमहल सिर्फ़ प्यार की निशानी ही नहीं हैं, बल्कि इसका नाम दुनिया के सात अजूबों में भी शुमार किया जाता है. इस खूबसूरत और प्यार की कहानी बयां करने वाली इमारत को किसने किस लिए बनवाया हम सब जानते हैं पर इसके बावजूद बहुत सी ऐसी बातें भी है जिन्हें हम नहीं जानते. हम आज आपको ताजमहल के उन्हीं रहस्यों के बारे में बता रहे हैं, जो इस खूबसूरत इमारत की चकाचौंध में नहीं दिखाई पड़ते. 1. मुमताज़ के मकबरे की छत पर एक छेद मकबरे की छत की छेद से टपकते पानी की बूंद के पीछे कई कहानियां प्रचलित है, जिसमें से एक यह है कि जब शाहजहां ने सभी मज़दूरों के हाथ काट दिए जाने की घोषणा की ताकि वे कोई और ऐसी खूबसूरत इमारत न बना सके तो मजदूरों ने ताजमहल को पूरा के बावजूद इसमें एक ऐसी कमी छोड़ दी जिससे शाहजहां का खूबसूरत सपना पूरा न हो सके. Source:  wallpaperup 2. ताजमहल के चारों ओर बांस का घेरा द्वितीय विश्व युद्ध, 1971 भारत-पाक युद्ध और 9/11 के बाद इस भव्य इमारत की सुरक्षा के लिए ASI ने ताजमहल के चारों और बांस का सुरक्षा घेरा बना कर उसे हरे रंग की चादर से ढक दिया था, जिससे ताजमहल दुश्मनों को नज़र न आये और इसे किसी प्रकार की