Skip to main content

ओएनजीसी भर्ती 2018

ओएनजीसी भर्ती 2018

ONGC Recruitment 2018

वॉक-इन-साक्षात्कार 02 जनवरी


नौकरी विवरण :


🔲1) डाक नाम: चिकित्सा अधिकारी (जनरल ड्यूटी)


⚫रिक्ति की संख्या: 02 पद

⚫वेतनमान: रु। 72000 / - (प्रति माह)

⚫योग्यता: आईएमसी अधिनियम-1 9 56 के अनुसार भारतीय मेडिकल काउंसिल / मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया से 2-3 साल का अनुभव पंजीकरण के साथ एमबीबीएस।


⚫आयु सीमा: ओएनजीसी के नियमों के अनुसार


⚫नौकरी स्थान: मेहसाना (गुजरात)
⚫चयन प्रक्रिया: चयन साक्षात्कार पर आधारित होगा।


⚫आवेदन शुल्क: कोई आवेदन शुल्क नहीं है।


⚫आवेदन कैसे करें: इच्छुक उम्मीदवार साक्षात्कार के समय जैव-डेटा और सभी मूल प्रशंसापत्र, एक प्रमाणित फोटोकॉपी और एक हाल ही में पासपोर्ट आकार की तस्वीर के साथ साक्षात्कार के लिए उपस्थित हो सकते हैं।


⚫साक्षात्कार का स्थानः प्रभारी कार्यालय, चिकित्सा सेवा, ओएनजीसी नगर डिपास्पर्शरी, पलावसन, मेहसाना - 384 003


महत्वपूर्ण तिथियाँ याद रखें:

⚫साक्षात्कार की तिथि: 02.01.2018 को 09:00 पूर्वाह्न से 11:00 पूर्वाह्न



|| महत्वपूर्ण लिंक |

Comments

Popular posts from this blog

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास आज हम ऐसे मसाले की बात करने वाले हैओ जिसे आम तौर ख़िर में छिड़का जाता है । जी हाँ , जायफल की ! आपको शायद ताजुब्ब होगा कि ज्यादातर लोग शायद इसकी उत्पत्ति के बारे में विशेष रूप से कुछ नही जाने हैं ।समें कोई संदेह नहीं है – यह सुपरमार्केट में मसाला गलियारे से आता है, है ना? लेकिन इस मसाले के पीछे दुखद और खूनी इतिहास छुपा छह है । लेकिन सदियों से जायफल की खोज में हजारों लोगों की मौत हो गई है। जायफल क्या है? सबसे पहले हम जानते है कि आखिर ये जायफ़ल है क्या ? तो ये नटमेग मिरिस्टिका फ्रेंगनस पेड़ के बीज से आता है । जो बांदा द्वीपों की लंबीसदाबहार प्रजाति है जो इंडोनेशिया के मोलुकस या स्पाइस द्वीप समूह का हिस्सा हैं। जायफल के बीज की आंतरिक गिरी को जायफल में जमीन पर रखा जाता है ।जबकि अरिल (बाहरी लेसी कवर) से गुदा निकलता है। जायफल को लंबे समय से न केवल भोजन के स्वाद के रूप में बल्कि इसके औषधीय गुणों के लिए भी महत्व दिया गया है। वास्तव में जब बड़ी मात्रा में जायफल लिया जाता है तो जायफल एक ल्यूकोसिनोजेन है जो मिरिस्टिसिन नामक एक साइकोएक्टिव केम

18 अनसुनी बाते ताजमहल की! यह बाते आपने कही नहीं सुनी होगी!!!

ताजमहल सिर्फ़ प्यार की निशानी ही नहीं हैं, बल्कि इसका नाम दुनिया के सात अजूबों में भी शुमार किया जाता है. इस खूबसूरत और प्यार की कहानी बयां करने वाली इमारत को किसने किस लिए बनवाया हम सब जानते हैं पर इसके बावजूद बहुत सी ऐसी बातें भी है जिन्हें हम नहीं जानते. हम आज आपको ताजमहल के उन्हीं रहस्यों के बारे में बता रहे हैं, जो इस खूबसूरत इमारत की चकाचौंध में नहीं दिखाई पड़ते. 1. मुमताज़ के मकबरे की छत पर एक छेद मकबरे की छत की छेद से टपकते पानी की बूंद के पीछे कई कहानियां प्रचलित है, जिसमें से एक यह है कि जब शाहजहां ने सभी मज़दूरों के हाथ काट दिए जाने की घोषणा की ताकि वे कोई और ऐसी खूबसूरत इमारत न बना सके तो मजदूरों ने ताजमहल को पूरा के बावजूद इसमें एक ऐसी कमी छोड़ दी जिससे शाहजहां का खूबसूरत सपना पूरा न हो सके. Source:  wallpaperup 2. ताजमहल के चारों ओर बांस का घेरा द्वितीय विश्व युद्ध, 1971 भारत-पाक युद्ध और 9/11 के बाद इस भव्य इमारत की सुरक्षा के लिए ASI ने ताजमहल के चारों और बांस का सुरक्षा घेरा बना कर उसे हरे रंग की चादर से ढक दिया था, जिससे ताजमहल दुश्मनों को नज़र न आये और इसे किसी प्रकार की