Skip to main content

GOOD NEWS-सोना चांदी खरीदना हुआ सस्ता, जानिए 10 ग्राम गोल्ड के नए दाम

GOOD NEWS-सोना चांदी खरीदना हुआ सस्ता, जानिए 10 ग्राम गोल्ड के नए दाम

दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। कमजोर वैश्विक संकेत और घरेलू ज्वैलर्स की ओर से कमजोर खरीदारी के चलते सोना 220 रुपये की गिरावट के साथ 31450 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। इसी तरह चांदी 400 रुपये की कमजोरी के साथ 39500 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। चांदी की कीमतों में गिरावट इंडस्ट्रीयल यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की ओर कमजोर उठान के चलते देखने को मिली है।
व्यापारियों का मानना है कि कमजोर वैश्वक संकेत और स्थानीय ज्वैलर्स और रिटेलर्स की और से घटी मांग के चलते घरेलू हाजिर बाजार में मौजूदा कीमतों में कम खरीदारी हुई है। इस कारण कीमतों पर दबाव देखने को मिला है।
वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना 0.70 फीसद की कमजोरी के साथ 1324.90 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.53 फीसद की कमजोरी के साथ 16.47 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई है।
देश की राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 220 रुपये की गिरावट के साथ कीमतें क्रमश: 31450 रुपये और 31300 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। जानकारी के लिए बता दें कि बीते सत्र मंं सोने की कीमतों में 220 रुपये की तेजी दर्ज की गई थी। गिन्नी के भाव हालांकि 24800 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर स्थिर रहे हैं।
इसी तरह चांदी तैयार 400 रुपये की तेजी के साथ 39500 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 470 रुपये की कमजोरी के साथ 38700 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है।
चांदी के सिक्के हालांकि 74000 लिवाल और 75000 बिकलाव प्रति सैंकड़ के स्तर पर स्थिर रहे हैं।

Comments

Popular posts from this blog

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास आज हम ऐसे मसाले की बात करने वाले हैओ जिसे आम तौर ख़िर में छिड़का जाता है । जी हाँ , जायफल की ! आपको शायद ताजुब्ब होगा कि ज्यादातर लोग शायद इसकी उत्पत्ति के बारे में विशेष रूप से कुछ नही जाने हैं ।समें कोई संदेह नहीं है – यह सुपरमार्केट में मसाला गलियारे से आता है, है ना? लेकिन इस मसाले के पीछे दुखद और खूनी इतिहास छुपा छह है । लेकिन सदियों से जायफल की खोज में हजारों लोगों की मौत हो गई है। जायफल क्या है? सबसे पहले हम जानते है कि आखिर ये जायफ़ल है क्या ? तो ये नटमेग मिरिस्टिका फ्रेंगनस पेड़ के बीज से आता है । जो बांदा द्वीपों की लंबीसदाबहार प्रजाति है जो इंडोनेशिया के मोलुकस या स्पाइस द्वीप समूह का हिस्सा हैं। जायफल के बीज की आंतरिक गिरी को जायफल में जमीन पर रखा जाता है ।जबकि अरिल (बाहरी लेसी कवर) से गुदा निकलता है। जायफल को लंबे समय से न केवल भोजन के स्वाद के रूप में बल्कि इसके औषधीय गुणों के लिए भी महत्व दिया गया है। वास्तव में जब बड़ी मात्रा में जायफल लिया जाता है तो जायफल एक ल्यूकोसिनोजेन है जो मिरिस्टिसिन नामक एक साइकोएक्टिव केम

18 अनसुनी बाते ताजमहल की! यह बाते आपने कही नहीं सुनी होगी!!!

ताजमहल सिर्फ़ प्यार की निशानी ही नहीं हैं, बल्कि इसका नाम दुनिया के सात अजूबों में भी शुमार किया जाता है. इस खूबसूरत और प्यार की कहानी बयां करने वाली इमारत को किसने किस लिए बनवाया हम सब जानते हैं पर इसके बावजूद बहुत सी ऐसी बातें भी है जिन्हें हम नहीं जानते. हम आज आपको ताजमहल के उन्हीं रहस्यों के बारे में बता रहे हैं, जो इस खूबसूरत इमारत की चकाचौंध में नहीं दिखाई पड़ते. 1. मुमताज़ के मकबरे की छत पर एक छेद मकबरे की छत की छेद से टपकते पानी की बूंद के पीछे कई कहानियां प्रचलित है, जिसमें से एक यह है कि जब शाहजहां ने सभी मज़दूरों के हाथ काट दिए जाने की घोषणा की ताकि वे कोई और ऐसी खूबसूरत इमारत न बना सके तो मजदूरों ने ताजमहल को पूरा के बावजूद इसमें एक ऐसी कमी छोड़ दी जिससे शाहजहां का खूबसूरत सपना पूरा न हो सके. Source:  wallpaperup 2. ताजमहल के चारों ओर बांस का घेरा द्वितीय विश्व युद्ध, 1971 भारत-पाक युद्ध और 9/11 के बाद इस भव्य इमारत की सुरक्षा के लिए ASI ने ताजमहल के चारों और बांस का सुरक्षा घेरा बना कर उसे हरे रंग की चादर से ढक दिया था, जिससे ताजमहल दुश्मनों को नज़र न आये और इसे किसी प्रकार की