Skip to main content

LIVE -त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड चुनाव परिणाम, जानें-कहां से कौन आगे

 LIVE -त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड चुनाव परिणाम, जानें-कहां से कौन आगे

अगरतला/शिलांग/कोहिमा। पूर्वोत्तर राज्यों- त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड में हुए विधानसभा चुनाव की मतगणना शनिवार को शुरु हो चुकी है। अब देखना यह है कि दोनों राज्यों में किसकी सरकार बनेगी। क्या मोदी लहर बरकरार रहेगी या नहीं। तीनों राज्यों में विधानसभा की 69 से 60 सीटें हैं। त्रिपुरा में मतदान 18 फरवरी को और मेघालय व नगालैंड में मतदान 27 फरवरी को हुआ था।



लाइव अपडेट्स


-त्रिपुरा में 22 सीटों पर लेफ्ट, 21 पर बीजेपी और 1 पर कांग्रेस को आगे चल रही है।

- मेघालय में 9 सीटों पर कांग्रेस, 4 सीट पर बीजेपी और 11 पर एनपीपी आगे चल रही है।

-नगालैंड में 12 सीटों पर बीजेपी+ और 4 पर एनपीएफ आगे चल रही है।

-त्रिपुरा में बीजेपी-लेफ्ट की बीच कांटे की टक्कर, लेफ्ट-17 और बीजेपी-18 पर आगे।

-अगर नगालैंड में बीजेपी से एनपीएफ हाथ मिला ले तो यहां बीजेपी की सरकार बन सकती है।

-नगालैंड में बीजेपी 12 सीटों पर आगे, एनपीएफ 3 पर आगे।

-त्रिपुरा में लेफ्ट को भारी बढ़त, 16 सीटों पर आगे निकली, बीजेपी 6 सीट पर आगे।

-मेघालय में एनपीपी सबसे बड़ी पार्टी, 8 सीटों पर आगे निकली।

-तीनों ही राज्यों में बीजेपी को अच्छी बढ़त, मोदी लहर बरकरार।

-नगालैंड में बीजेपी चार सीटों पर आगे चल रही है, एनपीएफ दो सीट पर आगे।

-त्रिपुरा में बीजेपी आठ और लेफ्ट 11 सीट पर आगे चल रही है।

-मेघालय में बीजेपी-3, कांग्रेस-4 और एनपीपी-4 सीट पर आगे।

-त्रिपुरा में बीजेपी और लेफ्ट के बीच काटे की टक्कर, 7 पर लेफ्ट और 5 पर बीजेपी को बढ़त।

-सोनामुरा सीट पर बीजेपी आगे।

-त्रिपुरा में बीजेपी तीन सीट पर आगे।

-त्रिपुरा में बीजेपी दो सीट और लेफ्ट एक सीट पर आगे।

-त्रिपुरा में बीजेपी का खाता खुला, एक सीट पर आगे।

-त्रिपुरा में पहला रुझान, लेफ्ट एक सीट पर आगे चल रही है।

-कुछ ही देर में पहला रूझान आने वाला है।

-दोनों ही राज्यों में सुबह आठ बजे से वोटों की गिनती शुरु हो चुकी है।

-मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं और उम्मीद है कि पूरी प्रक्रिया बिना किसी दिक्कत के पूरी हो जाएगी: डी मारक, एसपी शिलॉन्ग

-पूर्वोत्तर के तीन राज्यों मेघालय, नगालैंड और त्रिपुरा में किसकी सरकार बनेगी, इस सवाल का जवाब आज कुछ ही घंटों बाद मिल जाएगा। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तीनों राज्यों में सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हो जाएगी।

-त्रिपुरा में वर्ष 1993 से ही माकर््सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चा की सरकार रही है, लेकिन दो एग्जिट पोल में इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने का अनुमान लगाया गया है।

-मतगणना से पहले हालांकि माकपा और भाजपा दोनों ने दावा किया है कि उसकी सरकार बनने जा रही है। किसके दावे में दम था, यह शनिवार को दोपहर बाद से स्पष्ट होने लगेगा।

-वर्ष 2013 के चुनाव में भाजपा ने त्रिपुरा में 50 उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 49 की जमानत जब्त हो गई थी। मात्र 1.87 फीसदी वोट मिलने के कारण यह पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। माकपा को 49 में से 55 सीटें मिली थीं। कांग्रेस 48 सीटों पर लड़ी थी और उसे 10 सीटों से संतोष करना पड़ा था।

-मेघालय में इस बार 84 फीसदी मतदान हुआ था। सत्तारूढ़ कांग्रेस के अलावा भाजपा, नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और नवगठित पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट मुकाबले में था।

-वर्ष 2013 के चुनाव में भाजपा ने इस राज्य में 13 उम्मीदवार उतारे थे, मगर कोई जीत न सका था। एनपीपी को 32 में से मात्र दो सीटें मिली थीं।

- नगालैंड में भाजपा इस बार नवगठित नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) के साथ गठबंधन कर चुनावी अखाड़े में उतरी। दोनों ने क्रमश: 20 और 40 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। सीवी वोटर के सर्वे में भाजपा-एनडीपीपी गठबंधन की सरकार बनने के आसार बताए गए हैं।

Comments

Popular posts from this blog

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास
आज हम ऐसे मसाले की बात करने वाले हैओ जिसे आम तौर ख़िर में छिड़का जाता है । जी हाँ , जायफल की ! आपको शायद ताजुब्ब होगा कि ज्यादातर लोग शायद इसकी उत्पत्ति के बारे में विशेष रूप से कुछ नही जाने हैं ।समें कोई संदेह नहीं है – यह सुपरमार्केट में मसाला गलियारे से आता है, है ना? लेकिन इस मसाले के पीछे दुखद और खूनी इतिहास छुपा छह है । लेकिन सदियों से जायफल की खोज में हजारों लोगों की मौत हो गई है। जायफल क्या है?

सबसे पहले हम जानते है कि आखिर ये जायफ़ल है क्या ? तो ये नटमेग मिरिस्टिका फ्रेंगनस पेड़ के बीज से आता है । जो बांदा द्वीपों की लंबीसदाबहार प्रजाति है जो इंडोनेशिया के मोलुकस या स्पाइस द्वीप समूह का हिस्सा हैं। जायफल के बीज की आंतरिक गिरी को जायफल में जमीन पर रखा जाता है ।जबकि अरिल (बाहरी लेसी कवर) से गुदा निकलता है। जायफल को लंबे समय से न केवल भोजन के स्वाद के रूप में बल्कि इसके औषधीय गुणों के लिए भी महत्व दिया गया है। वास्तव में जब बड़ी मात्रा में जायफल लिया जाता है तो जायफल एक ल्यूकोसिनोजेन है जो मिरिस्टिसिन नामक एक साइकोएक्टिव केमिकल के कारण होता…

P M JAY HOSPITAL LIST

P M JAY HOSPITAL LIST