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53 हजार किसानों का 56 करोड़ ऋ ण होगा माफ

53 हजार किसानों का 56 करोड़ ऋ ण होगा माफ

सहकारी केन्द्रीय बैंक के महाप्रबंधक ने बैंक प्रबंधकों की ली बैठक10-बीजीटी-10-बालाघाट। बैठक में ऋण माफ होने की जानकारी देते महाप्रबंधक।
10-बीजीटी-11-बालाघाट। बैठक में शामिल प्रबंधक।
बालाघाट। नईदुनिया प्रतिनिधि।
भोपाल में आयोजित किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषक समृद्घि योजना के अंतर्गत किसानों को धान व गेहूं के समर्थन मूल्य पर 200 रुपए प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने व मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना के अंतर्गत किसानों का कालातीत हो चुके ऋण का कर्ज माफ करने की घोषणा की थी। इन योजनाओं का लाभ जिले के सभी पात्र किसानों को पहुंचाने के लिए जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के महाप्रबंधक पीएस धनवाल ने मंगलवार को सहकारी बैंकों के प्रबंधकों की बैठक लेकर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
58 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का वितरण करेंगे सीएममहाप्रबंधक ने बैठक में प्रबंधकों को बताया कि 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान वारासिवनी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कृषक समृद्घि योजना के अंतर्गत रबी 2016-17 व खरीफ 2017 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं व धान की जिले की करीब 58 करोड़ की उत्पादकता प्रोत्साहन राशि का वितरण करेंगे। उन्होंने बताया कि जिले के 2779 किसानों द्वारा रबी वर्ष 2016-17 में 7008 मीट्रिक टन गेहूं समर्थन मूल्य पर उपार्जित किया गया था। जिसके लिए किसानों को एक करोड़ 40 लाख की उत्पादकता प्रोत्साहन राशि उनके खाते में हस्तांतरित की जाना है। इसी प्रकार जिले में खरीफ 2017 में कुल 69 हजार 700 किसानों से 2 लाख 82 हजार 412 मीट्रिक टन समर्थन मूल्य पर धान खरीदी गई थी। इसके लिए जिले के 69 हजार 700 किसानों को 56.48 करोड़ की प्रोत्साहन राशि उनके खाते में हस्तांतरित की जाना है।
53 हजार से अधिक किसानों का ऋण होगा माफ
बैठक में महाप्रबंधक ने बताया कि मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना के अंतर्गत जिले के 53 हजार 431 किसानों को लाभ होगा। इस योजना के अंतर्गत जिले के 53 हजार 431 किसानों के कालातीत हो चुके ऋण का 55 करोड़ 63 लाख का ब्याज माफ किया जा रहा है। इन किसानों के ब्याज का 80 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा एवं शेष 20 प्रतिशत संबंधित संस्था द्वारा जमा किया जाएगा। इन किसानों को ऋण के रूप में लिए गए मूलधन की आधी राशि बैंक में जमा कराना होगा। किसानों द्वारा मूलधन की आधी राशि जमा कराने पर उनके मूलधन की शेष आधी राशि को नए ऋण में परिवर्तित कर उसे शून्य प्रतिशत ब्याज वाले ऋण में परिवर्तित कर दिया जाएगा।

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