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विजय माल्या लंदन में गिरफ्तार, 13 महीने पहले भारत से हुए थे फरार

नई दिल्ली.बीते लगभग 13 महीने से फरार चल रहे चर्चित शराब कारोबारी और लोन डिफॉल्टर विजय माल्या को मंगलवार को लंदन में गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें जल्द ही वेस्टमिंस्टर कोर्ट में पेश किया जाएगा। बता दें कि माल्या को भारत के कई बैंकों का करीब 9 हजार करोड़ रुपए कर्ज चुकाना है।


स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने एक बयान जारी कर कहा कि प्रत्यर्पण के वारंट पर भारतीय बिजनेसमैन माल्या को गिरफ्तार कर लिया गया है।फ
भारत ने फरवरी में की थी प्रत्यर्पण की रिक्वेस्ट
भारत सरकार ने माल्या को वापस सौंपने के लिए फरवरी में ही यूके हाई कमीशन को प्रत्यर्पण की रिक्वेस्ट भेजी थी। सरकार ने कहा था कि माल्या के खिलाफ फाइनेंशियल इरेग्युलेटरीज और लोन डिफॉल्ट के आरोपों में कई केस चल रहे हैं।

मार्च,2016में भागे थे लंदन
माल्या मार्च, 2016 में लंदन भागे थे। भारत सरकार पिछले काफी समय से माल्या को लंदन से वापस लाने की कोशिशें कर रही थी। हालांकि बीते कुछ महीनों के दौरान ये कोशिशें खासी तेज हो गई थीं। भारत सरकार ने ब्रिटिश से माल्या के प्रत्यर्पण की मांग की है।


ED-सीबीआई ने की थी माल्या को वापस लाने की मांग
प्रत्यर्पण के लिए ईडी, 1992 में भारत और ब्रिटेन के बीच हुई म्युचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी (MLAT) को टूल के तौर पर इस्तेमाल कर रही थी। जांच एजेंसी माल्या के खिलाफ मुंबई कोर्ट से जारी हुए गैर-जमानती वारंट की तामीली के लिए इंडियन फॉरेन मिनिस्ट्री से अपील कर चुकी थी।

MLAT के तहत दोनों देशों के बीच आपराधिक मामलों में आरोपी शख्स को एक-दूसरे को सौंपा जा सकता है। सबूत देने और जांच में सहयोग करने के मकसद से आरोपी की कस्टडी भी शामिल है।

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