Skip to main content

जानिए किस कोड से पता चलेगा कितना खतरनाक है आपका मोबाइल

Image result for मोबाइलघंटों आप से चिपककर रहने वाला आपका मोबाइल हैंडसेट आपके लिए कहीं ‘साइलेंट किलर’ तो साबित नहीं हो रहा। चाइनीज समेत कई नामी ब्रांड के ऐसे मोबाइल हैंडसेट की बाजार में भरमार है|
जिनसे निकलने वाला रेडिएशन मानक से अधिक है। रेडिएशन जांचने के लिए *#07# डायल करें। यह नंबर डायल करते ही मोबाइल स्क्रीन पर रेडिएशन वैल्यू आ जाएगी।

अंतर्राष्ट्रीय एवं भारतीय मानक के अनुसार मोबाइल फोन का रेडिएशन लेवल 1.6 वाट/किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए। मगर प्रतिस्पर्धा के दौर में तमाम कंपनियां कम कीमत पर मोबाइल हैंडसेट बाजार में लाने के लिए मानक की अनदेखी कर रही हैं।

सेल्युलर टेलीकम्यूनिकेशन एंड इंटरनेट एसोसिएशन के अनुसार सभी मोबाइल हैंडसेट पर रेडिएशन संबंधी जानकारी देनी जरूरी है। मगर तमाम कंपनियां इसे नजरअंदाज कर रही हैं।

रेडिएशन से होती हैं कई बीमारियां

mobile1.2
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रानिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलजी (निलेट) के सीनियर साइंटिस्ट निशांत त्रिपाठी के मुताबिक मानक से अधिक रेडिएशन वाले इन मोबाइल हैंडसेट से सुनने की क्षमता कम होने से लेकर मानसिक अवसाद समेत कई तरह की घातक बीमारियां होने की आशंका रहती है।

इंडियाज नेशनल स्पेसिफिक एब्जॉर्बशन रेट लिमिट (आईएनएसएआरएल) के अनुसार भी मोबाइल के रेडिएशन का मानक अधिकतम 1.6 वाट प्रति किलोग्राम तक ही होना चाहिए।

विशेषज्ञ के सुझाव
- देर तक लगातार एक कान की तरफ से बात न करें
- चार्ज करने के लिए लगाकर मोबाइल पर बात न करें, इस दौरान रेडिएशन लेवल 10 गुना तक बढ़ जाता है।
- सिग्नल कमजोर हो या फिर बैट्री डिस्चार्ज होने पर भी बात करने से परहेज करें। इस दौरान रेडिएशन लेवल बढ़ जाता है।
- संभव हो तो ज्यादा से ज्यादा हेड फोन का इस्तेमाल करें।

Comments

Popular posts from this blog

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास
आज हम ऐसे मसाले की बात करने वाले हैओ जिसे आम तौर ख़िर में छिड़का जाता है । जी हाँ , जायफल की ! आपको शायद ताजुब्ब होगा कि ज्यादातर लोग शायद इसकी उत्पत्ति के बारे में विशेष रूप से कुछ नही जाने हैं ।समें कोई संदेह नहीं है – यह सुपरमार्केट में मसाला गलियारे से आता है, है ना? लेकिन इस मसाले के पीछे दुखद और खूनी इतिहास छुपा छह है । लेकिन सदियों से जायफल की खोज में हजारों लोगों की मौत हो गई है। जायफल क्या है?

सबसे पहले हम जानते है कि आखिर ये जायफ़ल है क्या ? तो ये नटमेग मिरिस्टिका फ्रेंगनस पेड़ के बीज से आता है । जो बांदा द्वीपों की लंबीसदाबहार प्रजाति है जो इंडोनेशिया के मोलुकस या स्पाइस द्वीप समूह का हिस्सा हैं। जायफल के बीज की आंतरिक गिरी को जायफल में जमीन पर रखा जाता है ।जबकि अरिल (बाहरी लेसी कवर) से गुदा निकलता है। जायफल को लंबे समय से न केवल भोजन के स्वाद के रूप में बल्कि इसके औषधीय गुणों के लिए भी महत्व दिया गया है। वास्तव में जब बड़ी मात्रा में जायफल लिया जाता है तो जायफल एक ल्यूकोसिनोजेन है जो मिरिस्टिसिन नामक एक साइकोएक्टिव केमिकल के कारण होता…

P M JAY HOSPITAL LIST

P M JAY HOSPITAL LIST