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आप भी हैं सोने के गहनों के शौकीन तो आपके लिए है बड़ी खुशखबरी, पढ़ें

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। गुड्स एंड सॢवस टैक्स (जी.एस.टी.) लागू होने के बाद पूरे देश में एक समान कीमत पर सोने के गहने मिलेंगे। सोर्स के मुताबिक जी.एस.टी. के तहत सोने के गहनों पर टैक्स की दर 3.4 प्रतिशत के बीच रह सकती है। यानी सोने के गहनों के लिए अलग टैक्स स्लैब रखा जाएगा।

बड़ी मात्रा में सोने के गहने खरीदने वाले अक्सर यह हिसाब लगाते हैं कि खरीदारी कहां से की जाए और कहां ये सस्ते होंगे लेकिन पहली जुलाई के बाद यानी जी.एस.टी. लागू होने के साथ ही कम से कम इस झंझट से छुटकारा मिल जाएगा क्योंकि जी.एस.टी. के तहत सभी राज्यों में सोने के गहनों पर एक समान ड्यूटी लगेगी। दूसरे शब्दों में कहें तो दिल्ली जैसे राज्यों में सोने के गहनों के दाम अभी के मुकाबले ज्यादा हो सकते हैं जबकि केरल जैसे राज्यों में ये कम हो सकते हैं।
हर राज्य में अलग-अलग होता है वैट
दरअसल अभी सोने के गहने पर केंद्र सरकार 1 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगाती है जो पूरे देश में एक समान होता है लेकिन हर राज्य सरकार अलग-अलग वैट लगाती है। मसलन दिल्ली में 1 प्रतिशत, केरल में 5 प्रतिशत, तो महाराष्ट्र में 1.2 प्रतिशत। ऐसे में हर राज्य में ज्वैलरी के दाम अलग-अलग हो जाते हैं। सोर्स के मुताबिक जी.एस.टी. के तहत एक समान टैक्स तो लगेगा ही लेकिन सबसे अहम बात यह है कि जी.एस.टी. के तहत टैक्स की यह दर 3.4 प्रतिशत के बीच हो सकती है। मान लीजिए कि यह 3 प्रतिशत होगा तो दिल्ली में ज्वैलरी 1 प्रतिशत महंगी हो जाएगी जबकि केरल में 2 प्रतिशत सस्ती हो जाएगी। जी.एस.टी. के तहत सोने के गहनों पर टैक्स की दर क्या हो, इसे लेकर न सिर्फ इंडस्ट्री के बीच मतभेद हैं बल्कि राज्य सरकारों के बीच भी मतभेद हैं। हालांकि अंतिम फैसला जी.एस.टी. काऊंसिल को लेना है लेकिन इतना तय है कि जी.एस.टी. के तहत सोने के गहनों के लिए अलग से टैक्स स्लैब की व्यवस्था होगी।
विकल्पों को लेकर सरकार गंभीर नहीं
हालांकि एक विकल्प यह भी है कि इम्पोर्ट ड्यूटी 10 से घटाकर 6 प्रतिशत कर दी जाए और इसके अनुपात में जी.एस.टी. रेट बढ़ा दिया जाए। दूसरी दलील यह है कि 12 प्रतिशत रेट तय किया जाए क्योंकि जी.एस.टी. लागू होने के बाद इनपुट टैक्स क्रैडिट मिलना शुरू हो जाएगा इसलिए कंज्यूमर पर बोझ नहीं पड़ेगा। फिलहाल इन विकल्पों को लेकर सरकार गंभीर नहीं दिख रही है क्योंकि सरकार की कोशिश है जी.एस.टी. को जहां तक संभव हो सके बगैर किसी बड़े बदलाव के साथ पहले लागू किया जाए।
शादियों के बजट पर होगा असर
आपको बताते चलें कि जी.एस.टी. को जुलाई माह से लागू किया जा रहा है। वहीं अगस्त के मध्य से लेकर फरवरी माह तक शादियों का सीजन होता है। देश में सोने के एक सामान भाव होने से इसका असर शादियों के बजट पर भी पडेगा। अक्सर शादी के अवसर पर औसतन 20 तोले गहने की खरीद होती है यानी कि दूल्हन व दूल्हा पक्ष 10-10 तोले की खरीद करते हैं। वहीं भाव एक सामान होने से या तो शादी का बजट कम होगा या फिर इसे खरीदने की मात्रा बढेगी।

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