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देश के इन राज्यों में किन लोगों को है लाल बत्ती के इस्तेमाल की इजाजत

Image result for लाल बत्ती कारमोदी सरकार ने वीवीआईपी कल्चर पर चोट करते हुए गुरुवार को गाड़ियों में लाल बत्ती के इस्तेमाल पर एक बड़ा फैसला लिया। इस फैसले के मुताबिक अब देश में पांच लोग राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री और लोकसभा स्पीकर ही अपनी कार में लाल बत्ती का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके अलावा केंद्र सरकार ने पुलिस, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को लाल बत्ती के इस्तेमाल पर छूट दी है।


आपको बताते हैं मोदी सरकार के इस फैसले से पहले वो कौन-कौन से राज्य है जिन्होंने लाल बत्ती कल्चर को सीमित किया।

  • दिल्ली सरकार ने सबसे पहले मंत्रियों की गाड़ियों से लाल बत्ती हटवाई। साल 2014 से सिर्फ उप राज्यपाल, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और जज ही फ्लैशर के साथ लाल बत्ती का इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं दिल्ली के आर्मी जनरल ऑफिसर कमांडिंग फ्लैशर के बिना लाल बत्ती का इस्तेमाल कर सकते हैं।

  • गुजरात में सभी मंत्रियों और जजों को अपनी गाड़ियों पर लाल बत्ती इस्तेमाल करने की इजाजत होती है। वहीं नौकरशाहों में प्रमुख शासन सचिव, गृह सचिव, परिवहन सचिव, सामान्य प्रशासन सचिव, मुख्य चुनाव अधिकारी को लाल बत्ती के इस्तेमाल की इजाजत है। लेकिन मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने बीते साल अक्टूबर में यह आदेश दिए हैं कि उनके काफिले के लिए नियमित ट्रैफिक को न रोका जाए।

  • लाल बत्ती के इस्तेमाल को हटाते हुए पश्चिम बंगाल में पहली बार नीली बत्ती के इस्तेमाल की इजाजत सेक्रेट्री, डीआईजी और आईजी रैंक के पुलिस अफसरों और निगमों के मेयरों को दी गई है। हालांकि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी गाड़ी पर कोई भी बत्ती का इस्तेमाल नहीं करती हैं।

  • आंध्र प्रदेश और तेलंगाना: यहां सभी मंत्रियों और वीवीआईपी को लाल बत्ती का इस्तेमाल करने की इजाजत है लेकिन तेलंगाना मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के काफिले लाल बत्ती का इस्तेमाल नहीं करते।

  • महाराष्ट्र: लाल बत्ती की जगह, महाराष्ट्र में अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव स्तर के अधिकारी, डीजीपी और डीजी रैंक के पुलिस अधिकारियों की वीवीआईपी गाड़ियों को एम्बर बत्ती का इस्तेमाल करने की इजाजत दी गई है। राज्य के नियमों के मुताबिक, लाल बत्ती का इस्तेमाल केवल ड्यूटी के दौरान ही ही किया जा सकता है लेकिन यह नियम एम्बर बत्ती का इस्तेमाल करने वालों पर लागू नहीं होता।

  • कर्नाटक में मंत्री, स्पीकर और हाईकोर्ट के जज लाल बत्ती का इस्तेमाल कर सकते हैं वहीं पुलिस अधिकारी और अन्य नौकरशाह नीली बत्ती का इस्तेमाल करते हैं।

  • असम में जब वीवीआईपी के वाहनों का इस्तेमाल न हो रहा हो तो उनपर लगी लाल बत्तियां काले कवर से ढकी होनी चाहिए।

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