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जानिए देश की रक्षा में शरीर का अंग गंवाने वाले जवानों के सम्मान में 2018 होगा युद्ध विकलांग वर्ष

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 सेना प्रमुख बिपिन रावत ने विकलांग हुए सैनिकों से कहा कि वे नए कौशल सीखना जारी रखें ताकि वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें और सम्मान तथा वित्तीय रूप से आत्मनिर्भरता का जीवन जी सकें. 

रक्षा विभाग के अनुसार, दिल्ली के 'वार वुंडेड फाउंडेशन' की ओर से सैन्य बल मेडिकल कॉलेज में आयोजित विकलांग सैनिकों की रैली में रावत ने 2018 को 'युद्ध विकलांगों का वर्ष घोषित किया. रैली में व्हीलचेयर में बैठे करीब 150 विकलांग सैनिकों ने हिस्सा लिया.

'जवानों के शव क्षत-विक्षत करने का 'माकूल जवाब देगी' भारतीय सेना'

इससे पहले सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने गुरुवार को संकेत दिए कि भारतीय सेना पाकिस्तान द्वारा दो भारतीय जवानों के शवों को क्षत-विक्षत करने का माकूल जवाब देगी, लेकिन उन्होंने इसका विवरण देने से इनकार कर दिया. सेना के एक समारोह से इतर पत्रकारों से बातचीत में जनरल रावत ने कहा, "आप भविष्य की योजना के बारे में पूछ रहे हैं. सेना कभी भविष्य के योजना नहीं बताती. इसकी जानकारी सिर्फ कार्य हो जाने के बाद दी जाती है."

जनरल रावत से पूछा गया था कि जम्मू एवं कश्मीर में सोमवार को नियंत्रण रेखा पर नायब सूबेदार परमजीत सिंह और बीएसएफ हेड कांस्टेबल प्रेम सागर के शवों को पाकिस्तान द्वारा क्षत-विक्षत करने के बाद सेना की क्या योजना है?

जनरल रावत ने कहा, "इस तरह के जवाब दिए जाते रहते हैं. हम जवाबी कार्रवाई करते हैं. इसमें कुछ नया नहीं है." उन्होंने कहा कि सेना पाकिस्तान से आतंकवादियों की घुसपैठ पर रोक लगाने के लिए कदम उठा रही है.

उन्होंने कहा, "आतंकवादी घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं. गर्मी के महीने शुरू हो गए हैं और बर्फ पिघल रही है. घुसपैठ होगी. हम कदम उठा रहे है. हमने घुसपैठ रोकने के लिए कदम उठाए हैं."

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आज हम ऐसे मसाले की बात करने वाले हैओ जिसे आम तौर ख़िर में छिड़का जाता है । जी हाँ , जायफल की ! आपको शायद ताजुब्ब होगा कि ज्यादातर लोग शायद इसकी उत्पत्ति के बारे में विशेष रूप से कुछ नही जाने हैं ।समें कोई संदेह नहीं है – यह सुपरमार्केट में मसाला गलियारे से आता है, है ना? लेकिन इस मसाले के पीछे दुखद और खूनी इतिहास छुपा छह है । लेकिन सदियों से जायफल की खोज में हजारों लोगों की मौत हो गई है। जायफल क्या है?

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