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7वां वेतन आयोग : अलाउंस समिति की रिपोर्ट पर अभी तक का अपडेट पढ़े

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नरेंद्र मोदी कैबिनेट सैन्य बलों के कर्मियों की बड़ी मांग मानते हुए विकलांगता पेंशन की पुरानी व्यवस्था के साथ बने रहने और सातवें वेतन आयोग (7वें पे-कमीशन ) की सिफारिश वाली नई व्यवस्था को नहीं अपनाने का फैसला किया. सेना की ओर से सरकार के इस फैसले का स्वागत भी हुआ और रक्षामंत्रालय ने इस संबंध में आदेश भी पारित कर दिया है. 



लेकिन इस सबके बीच केंद्रीय कर्मचारियों की सातवें वेतन आयोग को लेकर कई मांगें अभी भी अटकी हुई है. कई और मुद्दे अभी भी अपने अंजाम तक नहीं पहुंचे हैं. कर्मचारियों को सबसे ज्यादा न्यूनतम वेतनमान और अलाउंस को लेकर उत्सुकता बनी हुई है. 

जानकारी के लिए बता दें कि इस कैबिनेट की बैठक में अलाउंस के मुद्दे से जुड़ा कैबिनेट नोट पेश होना था लेकिन अभी यह नोट तैयार नहीं हुआ है. सूत्रों से मिली जानकारी के अभी इस नोट को तैयार होने में 10-15 दिन का समय और लग सकता है. 

जानकारी प्राप्त हुई है कि अभी मुद्दा एंपावर कमेटी तक भी नहीं पहुंचा है. पहले लवासा कमेटी की रिपोर्ट इस सचिवों की उच्‍चाधिकार प्राप्‍त समिति के पास जाएगी. यहां से यह समिति अपनी सिफारिश देगी जिसके बाद कैबिनेट तैयार होगा. अभी तक  की जानकारी के अनुसार अभी यह समिति इस रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है. वहीं, कुछ सूत्रों का दावा है कि अभी इस समिति ने इस रिपोर्ट का अध्ययन भी शुरू नहीं किया है. जब यह समिति इस रिपोर्ट का पूरा अध्ययन कर लेगी तब जाकर कैबिनेट नोट तैयार होगा और उसके बाद यह कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा जिसके बाद सरकार इस बारे में कोई निर्णय लेगी. 

वहीं, जब इस बारे में एनसीजेसीएम के संयोजक और कर्मचारी नेता शिवगोपाल मिश्र से बात की गई तब उनका कहना था कि सरकार की ओर से इस पूरे मामले में बेवजह की देरी हो रही है. इस पूरी देरी से कर्मचारी वर्ग बहुत नाराज है. उन्होंने बताया कि इस पूरी नाराजगी को लेकर उन्होंने कैबिनेट सेक्रेटरी से मुलाकात की है. कर्मचारियों की नाराजगी के संबंध में उन्होंने कैबिनेट सेक्रेटरी को अवगत कराया है. 

साथ ही उन्होंने बताया कि अब कर्मचारी इन सभी मुद्दों को लेकर अपनी बैठक करेंगे और आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे. जानकारी के लिए बता दें कि कई अन्य कर्मचारी संघ इन सभी देरी के चलते सरकार से टकराव के मूड में हैं. वे जल्द विरोध प्रदर्शन करेंगे.

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