Skip to main content

जरुर जानिए किस के वाहनों को लाल, नीली और सफेद बत्ती लगाने की मिली अनुमति

Image result for पुलिस
केंद्र ने कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए ड्यूटी पर तैनात पुलिस, रक्षा और अर्धसैन्य बलों समेत आपातकालीन वाहनों को लाल, नीली और सफेद रंग की बत्ती के इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है.



वीआईपी संस्कृति समाप्त करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बीते महीने यह निर्णय लिया था कि एक मई से एम्बुलेंस और दमकल जैसे आपातकालीन वाहनों को छोड़कर सभी वाहनों पर से बत्तियां हटाई जायेंगी.

सड़क यातायात और राजमार्ग मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘केंद्र सरकार यह स्पष्ट करना चाहती है कि ड्यूटी पर तैनात वाहन जैसे कि आपातकालीन और आपदा प्रबंधन के लिए निर्धारित वाहनों को लाल, नीली और सफेद बत्तियों का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जा सकती है.’’ 

ऐसे वाहनों के बारे में विस्तार से बताते हुए अधिसूचना में कहा गया है कि इसमें कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए आग पर काबू पाना और पुलिस, रक्षा बलों या अर्धसैन्य बलों जैसे कार्य शामिल हैं.

इसमें भूकंप, बाढ़, भूस्खलन, चक्रवात, सूनामी और मानव निर्मित आपदाएं जैसे कि परमाणु आपदा, रासायनिक आपदा और जैविक आपदा समेत प्राकृतिक आपदाओं के प्रबंधन से जुड़े कार्यों में भी ऐसी बत्तियों का इस्तेमाल किया जा सकता है.

Comments

Popular posts from this blog

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास आज हम ऐसे मसाले की बात करने वाले हैओ जिसे आम तौर ख़िर में छिड़का जाता है । जी हाँ , जायफल की ! आपको शायद ताजुब्ब होगा कि ज्यादातर लोग शायद इसकी उत्पत्ति के बारे में विशेष रूप से कुछ नही जाने हैं ।समें कोई संदेह नहीं है – यह सुपरमार्केट में मसाला गलियारे से आता है, है ना? लेकिन इस मसाले के पीछे दुखद और खूनी इतिहास छुपा छह है । लेकिन सदियों से जायफल की खोज में हजारों लोगों की मौत हो गई है। जायफल क्या है? सबसे पहले हम जानते है कि आखिर ये जायफ़ल है क्या ? तो ये नटमेग मिरिस्टिका फ्रेंगनस पेड़ के बीज से आता है । जो बांदा द्वीपों की लंबीसदाबहार प्रजाति है जो इंडोनेशिया के मोलुकस या स्पाइस द्वीप समूह का हिस्सा हैं। जायफल के बीज की आंतरिक गिरी को जायफल में जमीन पर रखा जाता है ।जबकि अरिल (बाहरी लेसी कवर) से गुदा निकलता है। जायफल को लंबे समय से न केवल भोजन के स्वाद के रूप में बल्कि इसके औषधीय गुणों के लिए भी महत्व दिया गया है। वास्तव में जब बड़ी मात्रा में जायफल लिया जाता है तो जायफल एक ल्यूकोसिनोजेन है जो मिरिस्टिसिन नामक एक साइकोएक्टिव केम

P M JAY HOSPITAL LIST

P M JAY HOSPITAL LIST