Skip to main content

ब्लॉग,वेबसाइट या पोस्ट को सर्च इंजन में सबसे ऊपर कैसे लायें

Image result for ब्लॉग
जब भी कोई ब्लॉगर एक ब्लॉग बनाता है तो वह यही सोचता है कि कैसे उसकी वेबसाइट, ब्लॉग या पोस्ट टॉप पर आये। ऑन-पेज एसईओ तकनीक के जरिये आप अपने ब्लॉग, वेबसाइट या पोस्ट को टॉप पर ला सकते होगूगल हमेशा अपने सर्च रिजल्ट को इम्प्रूव करने की कोशिश करता रहता है।

 गूगल ज्यादातर ऑन-पेज ऑप्टिमाइज़ करके बनाई गयी पोस्ट पर ध्यान देता है। अपनी पोस्ट को टॉप पर लाना चाहते है तो आइये जानते है कुछ टिप्स जिनकी मदद से आप अपने पोस्ट को टॉप पर ला सकते हो।


जरूरी कीवर्ड को बारबार उपयोग करें आप जब किसी टॉपिक पर कंटेंट या पोस्ट बनाते हो तो आपको बार-बार उस टॉपिक के जरूरी कीवर्ड को रिपीट करना चाहिए।
  1. अगर आप ऐसा नहीं करते है तो यह आपके लिए समय ख़राब करना होगा। अगर आप बार-बार कीवर्ड का इस्तेमाल करेंगे तो यह आपके एसईओ के लिए अच्छा होता है। इसलिए अपने कंटेंट में ज्यादा से ज्यादा अपने मेन कीवर्ड का इस्तेमाल करें।
  2. अपने और पेज को इंटरलिंक करें इंटरलिंक से मतलब है कि आपने अपनी वेबसाइट में जो पहले आर्टिकल बनाये है उन्हें अपने पोस्ट से लिंक करते रहे। ज्यादा से ज्यादा 5-10 आर्टिकल्स को अपने ब्लॉग से लिंक करते रहें। ऐसा करने से आपके सर्च इंजन को यही पता चलता है कि आपके ब्लॉग में इम्पोर्टेन्ट पोस्ट्स है।इससे आपके पोस्ट में विज़िटर्स आते है और आपका बाउंस रेट भी कम होता है।
  3. डिस्क्रिप्शनकीवर्ड और टाइटल पर ध्यान दें जब कोई व्यक्ति आपके पोस्ट को पढ़ता है तो वह सबसे पहले आपके पोस्ट की डिस्क्रिप्शन, कीवर्ड और टाइटल पर ध्यान देता है। यही तीन चीजे आपके पोस्ट को रोचक व आकर्षक बनाती है। इसलिए अपने पोस्ट के टाइटल, कीवर्ड और डिस्क्रिप्शन पर ध्यान दें और इसे अच्छा बनायें।
  4. यूआरएल को ऑप्टिमाइज़ करें अपने पोस्ट को टॉप पर लाने के लिए अपने यूआरएल को ऑप्टिमाइज़ करें। यह बहुत जरूरी है क्योंकि सर्च इंजन यूआरएल के आधार पर रिजल्ट दिखता है। यदि आपका यूआरएल सिंपल है तो सर्च इंजन आपके यूआरएल को समझ नही पायेगा और साथ ही साथ विज़िटर्स भी नही समझ पायेंगे कि आपका यूआरएल किस बारे में है।
  5. हैडिंग टैग का उपयोग करें अपने पोस्ट में हैडिंग टैग का इस्तेमाल करें। लेकिन एक ही हैडिंग को बार-बार इस्तेमाल ना करें। ऐसा करने से आपके सर्च इंजन में बुरा असर पड़ेगा।   
  6. इमेज को ऑप्टिमाइज़ करें आपके पोस्ट में जितना काम कंटेंट लिखने का होता है उतना ही इमेज का भी होता है। इमेज को इतना बड़ा नही बनाना चाहिए कि जब कोई व्यक्ति आपकी पोस्ट पढ़ने के लिए वेबसाइट पर आये तो आपकी वेबसाइट खुलने में में ज्यादा समय लगाए। वेबसाइट जितनी जल्दी खुलेगी आपकी साइट में विज़िटर्स उतने ज्यादा आयेंगे। और विज़िटर्स ज्यादा आएंगे तो आपकी साइट सर्च इंजन में टॉप पर जल्दी पहुँचेगी।    
  7. लंबा कंटेंट लिखे अपने कंटेंट को जितना ज्यादा हो सके लंबा लिखे। सर्च इंजन में लंबे कंटेंट को टॉप पर जल्दी लाया जाता है। इसलिए अपने पोस्ट को ज्यादा वर्ड्स में लिखे। अगर आपका कंटेंट छोटा होगा तो वह कभी भी टॉप पर नही आएगा और आपके पोस्ट में विज़िटर्स भी नहीं आयेंगे।                                                                                                       
  8. पेज लोडिंग स्पीड को बढ़ाये पेज लोड होने में जितना ज्यादा समय लेगा उतने ही विज़िटर्स कम आयेंगे। क्योंकि कोई भी यह नही चाहता की वह जिस साइट में जाए वह उसे रिजल्ट मिलने में समय लगे।                                                                                    

Comments

Popular posts from this blog

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास
आज हम ऐसे मसाले की बात करने वाले हैओ जिसे आम तौर ख़िर में छिड़का जाता है । जी हाँ , जायफल की ! आपको शायद ताजुब्ब होगा कि ज्यादातर लोग शायद इसकी उत्पत्ति के बारे में विशेष रूप से कुछ नही जाने हैं ।समें कोई संदेह नहीं है – यह सुपरमार्केट में मसाला गलियारे से आता है, है ना? लेकिन इस मसाले के पीछे दुखद और खूनी इतिहास छुपा छह है । लेकिन सदियों से जायफल की खोज में हजारों लोगों की मौत हो गई है। जायफल क्या है?

सबसे पहले हम जानते है कि आखिर ये जायफ़ल है क्या ? तो ये नटमेग मिरिस्टिका फ्रेंगनस पेड़ के बीज से आता है । जो बांदा द्वीपों की लंबीसदाबहार प्रजाति है जो इंडोनेशिया के मोलुकस या स्पाइस द्वीप समूह का हिस्सा हैं। जायफल के बीज की आंतरिक गिरी को जायफल में जमीन पर रखा जाता है ।जबकि अरिल (बाहरी लेसी कवर) से गुदा निकलता है। जायफल को लंबे समय से न केवल भोजन के स्वाद के रूप में बल्कि इसके औषधीय गुणों के लिए भी महत्व दिया गया है। वास्तव में जब बड़ी मात्रा में जायफल लिया जाता है तो जायफल एक ल्यूकोसिनोजेन है जो मिरिस्टिसिन नामक एक साइकोएक्टिव केमिकल के कारण होता…

P M JAY HOSPITAL LIST

P M JAY HOSPITAL LIST