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भारत की खोज ( Discovery of India) - जवाहरलाल नेहरू

Bharat ki khoj 1.jpgभारत की खोज ( Discovery of India) की रचना जवाहरलाल नेहरू द्वारा किया गया है। इसकी रचना 1944 में अप्रैल-सितंबर के बीच अहमदनगर की जेल में हुई। इस पुस्‍तक को नेहरू जी ने अंग्रज़ी में लिखा और बाद में इसे हिंदी और अन्‍य बहुत सारे भाषाओं में अनुवाद किया गया है। भारत की खोज पुस्‍तक को क्‍लासिक का दर्जा हासिल है। नेहरू जी ने इसे स्‍वतंत्रता आंदोलन के दौर में 1944 में अहमदनगर के किले में अपने पाँच महीने के कारावास के दिनों में लिखा था। यह 1946 में पुस्‍तक के रूप में प्रकाशित हुई।


इस पुस्‍तक में नेहरू जी ने सिंधु घाटी सभ्‍यता से लेकर भारत की आज़ादी तक विकसित हुई भारत की बहुविध समृद्ध संस्‍कृति, धर्म और जटिल अतीत को वैज्ञानिक दष्टि से विलक्षण भाषा शैली में बयान किया है।

पेज  399
भाषा हिंदी
लेखक - जवाहरलाल नेहरु
प्रकाशक - एन.सी.इ.आर.टी.
मूल्य - 35 रु

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आज हम ऐसे मसाले की बात करने वाले हैओ जिसे आम तौर ख़िर में छिड़का जाता है । जी हाँ , जायफल की ! आपको शायद ताजुब्ब होगा कि ज्यादातर लोग शायद इसकी उत्पत्ति के बारे में विशेष रूप से कुछ नही जाने हैं ।समें कोई संदेह नहीं है – यह सुपरमार्केट में मसाला गलियारे से आता है, है ना? लेकिन इस मसाले के पीछे दुखद और खूनी इतिहास छुपा छह है । लेकिन सदियों से जायफल की खोज में हजारों लोगों की मौत हो गई है। जायफल क्या है?

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