Skip to main content

जानिए आपके ई-मेल कही ट्रैक तो नहीं हो रहें

Image result for ईमेल ट्रेक
कोई आपकी साइबर गतिविधियों पर नजर रखे, और आपको खबर भी न हो तो ? ये ख्याल ही आपके दिल और दिमाग को झकझोर देगा। आपको इस बात का अहसास भी नहीं होगा कि अब आपके ई-मेल्स को ट्रैक कर कोई भी यह पता लगा सकता है कि आप कहां हैं और क्या क्लिक कर रहे हैं।


जॉब तलाश रहे लोगों, ऐडवर्टाइजर्स और पब्लिक रिलेशन्स में काम कर रहे लोगों के लिए जीमेल ट्रैकिंग सर्विस ‘बनानाटैग’ के एक विडियो ऐड में कहा गया हे आप के कॉन्टेक को इ मेल पहले जसे ही दिखेगे लेकिन आपको पता चल जाएगा की कब कहा और केसे आप का कॉन्टैक्ट आपका मेसेज खोल रहा है।'

खुशकिस्मती ये है कि इस तरह के टूल्स से निपटने के लिए ‘अग्ली ई-मेल’ नाम का एक टूल आया है, जो आपको बताता है कि कब आपका जीमेल ट्रैक हो रहा है। यह ईमेल पर आपके क्लिक करने से पहले ही काम करना शुरू कर देता है।
जब अग्ली ईमेल को इन्स्टॉल किया जाता है, तो एक छोटा आंख जैसा सिम्बल आपके उन ईमेल्स के बगल में बन जाता है जिन्हें बनानाटैग, स्ट्रीक या येसवेयर से ट्रैक किया जा रहा है।


Ugly Email


ऐसे करें इंस्टॉल


अग्ली ई-मेल को इंस्टॉल करना आसान है। पहले आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप गूगल क्रोम ब्राउजर इस्तेमाल कर रहे हैं।


उसके बाद क्रोम वेब स्टोर में अग्ली ईमेल ढूंढें और ऐड टु क्रोम बटन पर क्लिक करें। बस एप तैयार है।

आपके जीमेल इनबॉक्स में आने वाले सभी मेल्स पर ट्रैकिंग टूल्स की नजर से चेक किया जाएगा। अग्ली ई-मेल की टीम का दावा है कि वे और ई-मेल ट्रैकिंग सर्विसेज को अपनी लिस्ट में शामिल कर रही है।

हाल ही में अग्ली ई-मेल प्रॉडक्ट हंट में नजर आया है। अगर आप इस काम के लिए किसी ऐसी ही पुरानी सर्विस को यूज करना चाहते हैं, तो पिक्सल ब्लॉक का इस्तेमाल कर सकते हैं।


Comments

Popular posts from this blog

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास आज हम ऐसे मसाले की बात करने वाले हैओ जिसे आम तौर ख़िर में छिड़का जाता है । जी हाँ , जायफल की ! आपको शायद ताजुब्ब होगा कि ज्यादातर लोग शायद इसकी उत्पत्ति के बारे में विशेष रूप से कुछ नही जाने हैं ।समें कोई संदेह नहीं है – यह सुपरमार्केट में मसाला गलियारे से आता है, है ना? लेकिन इस मसाले के पीछे दुखद और खूनी इतिहास छुपा छह है । लेकिन सदियों से जायफल की खोज में हजारों लोगों की मौत हो गई है। जायफल क्या है? सबसे पहले हम जानते है कि आखिर ये जायफ़ल है क्या ? तो ये नटमेग मिरिस्टिका फ्रेंगनस पेड़ के बीज से आता है । जो बांदा द्वीपों की लंबीसदाबहार प्रजाति है जो इंडोनेशिया के मोलुकस या स्पाइस द्वीप समूह का हिस्सा हैं। जायफल के बीज की आंतरिक गिरी को जायफल में जमीन पर रखा जाता है ।जबकि अरिल (बाहरी लेसी कवर) से गुदा निकलता है। जायफल को लंबे समय से न केवल भोजन के स्वाद के रूप में बल्कि इसके औषधीय गुणों के लिए भी महत्व दिया गया है। वास्तव में जब बड़ी मात्रा में जायफल लिया जाता है तो जायफल एक ल्यूकोसिनोजेन है जो मिरिस्टिसिन नामक एक साइकोएक्टिव केम

18 अनसुनी बाते ताजमहल की! यह बाते आपने कही नहीं सुनी होगी!!!

ताजमहल सिर्फ़ प्यार की निशानी ही नहीं हैं, बल्कि इसका नाम दुनिया के सात अजूबों में भी शुमार किया जाता है. इस खूबसूरत और प्यार की कहानी बयां करने वाली इमारत को किसने किस लिए बनवाया हम सब जानते हैं पर इसके बावजूद बहुत सी ऐसी बातें भी है जिन्हें हम नहीं जानते. हम आज आपको ताजमहल के उन्हीं रहस्यों के बारे में बता रहे हैं, जो इस खूबसूरत इमारत की चकाचौंध में नहीं दिखाई पड़ते. 1. मुमताज़ के मकबरे की छत पर एक छेद मकबरे की छत की छेद से टपकते पानी की बूंद के पीछे कई कहानियां प्रचलित है, जिसमें से एक यह है कि जब शाहजहां ने सभी मज़दूरों के हाथ काट दिए जाने की घोषणा की ताकि वे कोई और ऐसी खूबसूरत इमारत न बना सके तो मजदूरों ने ताजमहल को पूरा के बावजूद इसमें एक ऐसी कमी छोड़ दी जिससे शाहजहां का खूबसूरत सपना पूरा न हो सके. Source:  wallpaperup 2. ताजमहल के चारों ओर बांस का घेरा द्वितीय विश्व युद्ध, 1971 भारत-पाक युद्ध और 9/11 के बाद इस भव्य इमारत की सुरक्षा के लिए ASI ने ताजमहल के चारों और बांस का सुरक्षा घेरा बना कर उसे हरे रंग की चादर से ढक दिया था, जिससे ताजमहल दुश्मनों को नज़र न आये और इसे किसी प्रकार की