Skip to main content

आज डॉक्टर्स डे: इन बातों का रखेंगे ध्यान तो आप हमेशा रहेंगे हेल्थी

Image result for आज डॉक्टर्स डे1 जुलाई 1882 को जन्मे और 1 जुलाई 1952 के दिन अंतिम सांस लेने वाले विख्यात फिजिशयन और पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री स्व. डॉ. बिधान चंद्र रॉय की याद में देश में हर साल 1 जुलाई को नैशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। 


इस मौके पर हम आपको बता रहे हैं कुछ जरूरी बातें जिनका अगर आप ध्यान रखेंगे और अपने जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करेंगे तो न सिर्फ आप हमेशा हेल्थी रहेंगे बल्कि आपको बार-बार डॉक्टर के पास भी नहीं जाना पड़ेगा। 

कैल्शियम और आयरन जरूरी

बॉडी के लिए बेहद जरूरी होता है कैल्शियम और आयरन। शरीर को हेल्थी बनाने में इनकी खास भूमिका होती है। अगर ये बॉडी में कम हो जाए, तो आपको चलने फिरने में दिक्कत आ सकती है। इसलिए डॉक्टर भी हमें यही सलाह देते हैं कि जितना ज्यादा हो सके, कैल्शियम और आयरन से भरपूर चीजों को खाने में शामिल करें। आयरन आपको मिलेगा पालक, मेथी और दूसरी हरी पत्तेदार सब्जियों में। पत्ता गोभी में ऐंटीऑक्सिडेंट, विटमिन, फोलेट और फाइबर से भरपूर होने के साथ आयरन का प्रमुख सोर्स भी होता है। इसका सेवन सब्जी या सलाद के रूप में किया जा सकता है। 

कैल्शियम हड्डियों का एक मुख्य तत्व है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। इसके अलावा, यह न्यूरो सिस्टम को दुरुस्त रखता है और शरीर के कई अंगों के काम करने में मदद करता है। खास बात यह है कि कैल्शियम तभी शरीर में डाइजेस्ट हो पाता है, जब विटमिन डी का लेवल ठीक हो यानी अगर विटमिन डी कम है तो कैल्शियम शरीर में नहीं जा पाता और हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। ऐसे में कैल्शियम अगर पूरा ले भी रहे हैं तो भी उसका फायदा नहीं मिलता। अगर हड्डियों से कैल्शियम निकलना शुरू हो जाता है तो फिर उनमें दर्द होने लगता है। इस तरह यह कमी और दर्द का पूरा एक पूरा चक्र बन जाता है, जिससे निकलने के लिए विटमिन डी लेवल सही रखना जरूरी है।

हीमॉग्लोबिन

हीमॉग्लोबिन हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है। इसकी कमी से हमारे शरीर को बहुत सारी परेशानियां उठानी पड़ सकती हैं। जैसे- शरीर में ऑक्सीजन को वहन करने की क्षमता कम हो सकती है। खून में रेड ब्लड सेल्स की संख्या कम हो सकती है। साथ ही अनीमिया की बीमारी हो सकती है। इसलिए इन सबसे बचने के लिए हमें अपने शरीर में हीमॉग्लोबिन की मात्रा सही बनाए रखने की सख्त जरूरत है। 

इसे भोजन में लिए जाने वाले खाद्य पदार्थों के जरिए पूरा किया जा सकता है। अमरूद खाने से शरीर में हीमॉग्लोबिन की कमी नहीं होती। तो वहीं चुकंदर भी हीमॉग्लोबिन का बहुत अच्छा स्रोत है। इसे आप अपने खाने से साथ सलाद में लेना शुरू कर दें। यह बहुत जल्दी शरीर में हीमॉग्लोबिन की कमी दूर कर देता है। अनार भी हीमॉग्लोबिन की कमी दूर करने के लिए जाना जाता है। सेब अनीमिया जैसी बीमारी को दूर करने में मददगार है। साथ ही रोजाना तुलसी खाने से भी हमारे शरीर में हीमॉग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है।

विटमिन डी

विटमिन डी जरूरी है हड्डियों, मसल्स और लिगामेंट्स की मजबूती के लिए, शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए, नर्व्स और मसल्स के कॉर्डिनेशन को कंट्रोल करने के लिए, सूजन और इंफेक्शन से बचाने के लिए, किडनी, लंग्स, लिवर और हार्ट की बीमारियों की आशंका कम करने के लिए, कैंसर की रोकथाम के लिए। इन दिनों शहरों में रहनेवाले करीब 80-90 प्रतिशत लोग विटमिन डी की कमी से होने वाली समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसकी वजह यह है कि अब लोग धूप में ज्यादा नहीं निकलते।

विटमिन डी की कमी से हड्डियों का कमजोर और खोखला होना, जोड़ों और मसल्स का कमजोर होना, कमर और शरीर के निचले हिस्सों में दर्द होना खासकर पिंडलियों में, हड्डियों से कट की आवाज आना, इम्यूनिटी कम होना, बाल झड़ना, बहुत थकान और सुस्ती रहना, बेचैनी और तुनकमिजाज रहना, इनफर्टिलिटी का बढ़ना, पीरियड्स का अनियमित होना, ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों का खोखला होना) और ऑस्टियोमलेशिया (हड्डियों का कमजोर होना) जैसी बीमारियां, बार-बार फ्रेक्चर होना जैसी प्रॉब्लम्स आ जाती हैं। 

विटमिन डी का सबसे अच्छा और फ्री सोर्स है धूप। हर दिन धूप में कुछ देर बैठें तो विटमिन डी की कमी को पूरा किया जा सकता है। इसके अलावा विटमिन डी की डोज नियमित रूप से ली जाए तो आसानी से शरीर के हर तरह के दर्द में राहत मिल सकती है।

Comments

Popular posts from this blog

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास आज हम ऐसे मसाले की बात करने वाले हैओ जिसे आम तौर ख़िर में छिड़का जाता है । जी हाँ , जायफल की ! आपको शायद ताजुब्ब होगा कि ज्यादातर लोग शायद इसकी उत्पत्ति के बारे में विशेष रूप से कुछ नही जाने हैं ।समें कोई संदेह नहीं है – यह सुपरमार्केट में मसाला गलियारे से आता है, है ना? लेकिन इस मसाले के पीछे दुखद और खूनी इतिहास छुपा छह है । लेकिन सदियों से जायफल की खोज में हजारों लोगों की मौत हो गई है। जायफल क्या है? सबसे पहले हम जानते है कि आखिर ये जायफ़ल है क्या ? तो ये नटमेग मिरिस्टिका फ्रेंगनस पेड़ के बीज से आता है । जो बांदा द्वीपों की लंबीसदाबहार प्रजाति है जो इंडोनेशिया के मोलुकस या स्पाइस द्वीप समूह का हिस्सा हैं। जायफल के बीज की आंतरिक गिरी को जायफल में जमीन पर रखा जाता है ।जबकि अरिल (बाहरी लेसी कवर) से गुदा निकलता है। जायफल को लंबे समय से न केवल भोजन के स्वाद के रूप में बल्कि इसके औषधीय गुणों के लिए भी महत्व दिया गया है। वास्तव में जब बड़ी मात्रा में जायफल लिया जाता है तो जायफल एक ल्यूकोसिनोजेन है जो मिरिस्टिसिन नामक एक साइकोएक्टिव केम

कैसे खोलें डीमेट अकाउंट?

DEMAT अकाउंट कहाँ और कैसे ओपन किया जाता है, इस पोस्ट में हम जानेंगे- DEMAT अकाउंट खोलने के लिए आवश्यक DOCUMENTS DEMAT अकाउंट फ़ीस कितना होता है, DEMAT अकाउंट नॉमिनेशन आइये सबसे पहले देखते है-  DEMAT अकाउंट कहा ओपन किया जाता है, भारत में SEBI द्वारा बनाए गाइडलाइन के अनुसार Demat Account सर्विस दो प्रमुख संस्थाओ द्वारा दी जाती है, ये दोनों संस्था है, NSDL (The National Securities Depository Limited) CDSL (Central Depository Services (India) Limited) अगर आपने ध्यान दिया होगा, तो आपको  पता होगा कि, PAN CARD भी इन्ही दोनों संस्थाओ में प्रमुख रूप से NSDL द्वारा बनाया गया होता है, और हो सकता है आपने पैन कार्ड के सम्बन्ध में NSDL का नाम पहले जरुर सुना होगा, खैर बता दे कि जिस तरह PAN CARD बनाने के लिए आप किसी एजेंट की मदद से ऑनलाइन एप्लीकेशन देते है, और कुछ दिनों में आपका पैन कार्ड बन जाता है, वैसे ही आपको DEMAT अकाउंट खोलने के लिए आपको डायरेक्टली NSDL और CDSL के पास जाने की जरुरत नहीं , और आप DEMAT अकाउंट खोलने का एप्लीकेशन किसी भी प्रमुख बैंक और स्टॉक ब्रोकर के पास कर सकते है, और अगर बात की जा