Skip to main content

कश्मीर से कन्याकुमारी तक आम जनता को एक दाम पर मिलेगी बिजली

Image result for बिजलीकैसा हो अगर श्रीनगर में बिजली की जो दर हो वही कन्याकुमारी में भी हो और यही दर अहमदाबाद से लेकर शिलांग तक में हो? देश ने इस दिशा में कदम बढ़ा दिया है। गुरुवार को देश के सभी पावर एक्सचेंजों में बिजली की कीमत एक समान तौर पर औसतन 2.61 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली वितरण कंपनियों को बेची गई।


 पूरे दिन में बिजली की दर 2.40 से 3.25 रुपये के बीच एक समान स्तर पर बनी रही है। सरकार का कहना है कि यह इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में पूरे देश में आम ग्राहकों के लिए भी बिजली की एक दर लागू हो सकेगी।

देश में बिजली की आपूर्ति, मांग व दर संबंधी रिपोर्ट बताती है कि जून, 2017 के पहले हफ्ते के दौरान बिजली की मांग और आपूर्ति में महज 2,101 मेगावॉट का अंतर रहा है। सरकार इसे अपनी उपलब्धि के तौर पर देख रही है, क्योंकि आम तौर पर साल के इन दिनों में भीषण गर्मी से बिजली की मांग बहुत ज्यादा रहती है। जबकि नदियों में पानी सूखने की वजह से बिजली की आपूर्ति कम रहती है। इसके पिछले पूरे हफ्ते यानी मई के आखिरी हफ्ते में मांग व आपूर्ति में औसतन 1,000 मेगावॉट का ही अंतर रहा है। जबकि पिछले दस वर्षो में कई बार ऐसा हुआ है कि अंतर 14,000 मेगावॉट तक का रहा है। इस बार की एक अन्य खासियत यह रही है कि पूरे देश में एक ही बिजली दर का लक्ष्य भी हासिल किया गया है। गुरुवार के दिन पावर एक्सचेंजों में बिजली की औसत दर सिर्फ 2.61 रुपये रही है।

अब सवाल यह है कि क्या पूरे देश में आम जनता के लिए भी बिजली की एक ही दर लागू हो सकेगी? बिजली मंत्रलय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक यह संभव है, लेकिन अभी इसमें दो से तीन वर्ष का वक्त लग सकता है। भले ही हर राज्य में एक समान बिजली की दर लागू न हो, लेकिन उनके बीच बहुत ज्यादा अंतर नहीं रहेगा। एक दर के लिए पहले बिजली वितरण कंपनियों की माली हालात सुधारनी होगी।

उम्मीद है कि उदय योजना के पूरी तरह से लागू होने के दो वर्षो के भीतर राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों पर बकाये का बोझ खत्म किया जा सकेगा। उसके बाद ग्राहकों के लिए भी बिजली की दर राष्ट्रीय स्तर पर एक समान हो सकेगी। संबंधित अधिकारी के मुताबिक यह स्थिति इसलिए भी बनेगी क्योंकि हर राज्य में ग्राहकों को अब मालूम होने लगा है कि उनकी बिजली वितरण कंपनियां किस दर पर बिजली खरीद रही हैं। मसलन, उत्तर प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों ने गुरुवार (8 जून) को 3.25 रुपये प्रति यूनिट और बुधवार को 3.02 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली की खरीद की है।

बिहार ने बुधवार को 3.09 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदी है, जबकि गुरुवार को 3.25 रुपये की दर से 900 मेगावॉट बिजली खरीदी है। अन्य राज्यों के आंकड़े भी केंद्र की तरफ से उपलब्ध कराये जा रहे हैं। ऐसे में बिजली वितरण कंपनियां अगर ज्यादा कीमत वसूलेंगी तो उन्हें इसका जवाब देना होगा।

Comments

Popular posts from this blog

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास आज हम ऐसे मसाले की बात करने वाले हैओ जिसे आम तौर ख़िर में छिड़का जाता है । जी हाँ , जायफल की ! आपको शायद ताजुब्ब होगा कि ज्यादातर लोग शायद इसकी उत्पत्ति के बारे में विशेष रूप से कुछ नही जाने हैं ।समें कोई संदेह नहीं है – यह सुपरमार्केट में मसाला गलियारे से आता है, है ना? लेकिन इस मसाले के पीछे दुखद और खूनी इतिहास छुपा छह है । लेकिन सदियों से जायफल की खोज में हजारों लोगों की मौत हो गई है। जायफल क्या है? सबसे पहले हम जानते है कि आखिर ये जायफ़ल है क्या ? तो ये नटमेग मिरिस्टिका फ्रेंगनस पेड़ के बीज से आता है । जो बांदा द्वीपों की लंबीसदाबहार प्रजाति है जो इंडोनेशिया के मोलुकस या स्पाइस द्वीप समूह का हिस्सा हैं। जायफल के बीज की आंतरिक गिरी को जायफल में जमीन पर रखा जाता है ।जबकि अरिल (बाहरी लेसी कवर) से गुदा निकलता है। जायफल को लंबे समय से न केवल भोजन के स्वाद के रूप में बल्कि इसके औषधीय गुणों के लिए भी महत्व दिया गया है। वास्तव में जब बड़ी मात्रा में जायफल लिया जाता है तो जायफल एक ल्यूकोसिनोजेन है जो मिरिस्टिसिन नामक एक साइकोएक्टिव केम

P M JAY HOSPITAL LIST

P M JAY HOSPITAL LIST