Skip to main content

सोने की कीमतों में आई तेजी कितनी बढ़ गई कीमत जानिए यहाँ

Image result for सोने की कीमतबुधवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। सोना 105 रुपए के बढ़कर 29,105 रुपए प्रति दस ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है।


 कीमतों में यह तेजी वैश्विक बाजार से सकारात्मक संकेत और घरेलू हाजिर बाजार में स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से बढ़ी खरीद की वजह से आई है। हालांकि, चांदी की कीमतें बुधवार को अपनी पुरानी कीमतों पर बरकरार रहीं हैं। इसकी कीमतें 38,700 रुपए प्रति किलोग्राम रही है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निवेशकों की ओर से सोने में फि‍र से निवेश बढ़ने के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी कीमतों में तेजी देखने को मिली है। साथ ही घरेलू हाजिर बाजार में ज्वैलर्स की ओर से खरीदारी बढ़ने से इसके भाव बढ़े हैं। वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोने की कीमतें 1246 डॉलर प्रति औंस के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं।

वहीं देश की राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 105 रुपए की वृद्धि के साथ क्रमश: 29,105 रुपए और 28,955 रुपए प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया है। जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले दो सत्रों में सोने की कीमतों में 170 रुपए की गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि, गिन्नी की कीमतें 24,400 रुपए प्रति आठ ग्राम पर बरकरार है।

सीमित दायरे में कारोबार के चलते चांदी तैयार की कीमतें बुधवार को भी 38,700 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर बरकरार रही हैं। साप्ताहिक आधार पर डिलीवरी की कीमत 270 रुपए टूटकर 38,130 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई हैं। वहीं, चांदी सिक्कों के भाव 71,000 लिवाल और 72,000 बिकवाल प्रति सैकड़ा पर स्थिर रहा है।

Comments

Popular posts from this blog

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास आज हम ऐसे मसाले की बात करने वाले हैओ जिसे आम तौर ख़िर में छिड़का जाता है । जी हाँ , जायफल की ! आपको शायद ताजुब्ब होगा कि ज्यादातर लोग शायद इसकी उत्पत्ति के बारे में विशेष रूप से कुछ नही जाने हैं ।समें कोई संदेह नहीं है – यह सुपरमार्केट में मसाला गलियारे से आता है, है ना? लेकिन इस मसाले के पीछे दुखद और खूनी इतिहास छुपा छह है । लेकिन सदियों से जायफल की खोज में हजारों लोगों की मौत हो गई है। जायफल क्या है? सबसे पहले हम जानते है कि आखिर ये जायफ़ल है क्या ? तो ये नटमेग मिरिस्टिका फ्रेंगनस पेड़ के बीज से आता है । जो बांदा द्वीपों की लंबीसदाबहार प्रजाति है जो इंडोनेशिया के मोलुकस या स्पाइस द्वीप समूह का हिस्सा हैं। जायफल के बीज की आंतरिक गिरी को जायफल में जमीन पर रखा जाता है ।जबकि अरिल (बाहरी लेसी कवर) से गुदा निकलता है। जायफल को लंबे समय से न केवल भोजन के स्वाद के रूप में बल्कि इसके औषधीय गुणों के लिए भी महत्व दिया गया है। वास्तव में जब बड़ी मात्रा में जायफल लिया जाता है तो जायफल एक ल्यूकोसिनोजेन है जो मिरिस्टिसिन नामक एक साइकोएक्टिव केम

18 अनसुनी बाते ताजमहल की! यह बाते आपने कही नहीं सुनी होगी!!!

ताजमहल सिर्फ़ प्यार की निशानी ही नहीं हैं, बल्कि इसका नाम दुनिया के सात अजूबों में भी शुमार किया जाता है. इस खूबसूरत और प्यार की कहानी बयां करने वाली इमारत को किसने किस लिए बनवाया हम सब जानते हैं पर इसके बावजूद बहुत सी ऐसी बातें भी है जिन्हें हम नहीं जानते. हम आज आपको ताजमहल के उन्हीं रहस्यों के बारे में बता रहे हैं, जो इस खूबसूरत इमारत की चकाचौंध में नहीं दिखाई पड़ते. 1. मुमताज़ के मकबरे की छत पर एक छेद मकबरे की छत की छेद से टपकते पानी की बूंद के पीछे कई कहानियां प्रचलित है, जिसमें से एक यह है कि जब शाहजहां ने सभी मज़दूरों के हाथ काट दिए जाने की घोषणा की ताकि वे कोई और ऐसी खूबसूरत इमारत न बना सके तो मजदूरों ने ताजमहल को पूरा के बावजूद इसमें एक ऐसी कमी छोड़ दी जिससे शाहजहां का खूबसूरत सपना पूरा न हो सके. Source:  wallpaperup 2. ताजमहल के चारों ओर बांस का घेरा द्वितीय विश्व युद्ध, 1971 भारत-पाक युद्ध और 9/11 के बाद इस भव्य इमारत की सुरक्षा के लिए ASI ने ताजमहल के चारों और बांस का सुरक्षा घेरा बना कर उसे हरे रंग की चादर से ढक दिया था, जिससे ताजमहल दुश्मनों को नज़र न आये और इसे किसी प्रकार की