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वैलेंटाइन डे की कहानी यह क्यों और कब मनाया जाता है

वैलेंटाइन डे की कहानी यह क्यों और कब मनाया जाता है

प्रेमी जोड़ो के लिए वैलेंटाइन डे बहुत ही लोकप्रिय दिनों में से एक दिन है. सभी प्रेमी इस दिन अपने लवर को वैलेंटाइन डे स्पेशल गिफ्ट देते है और अपने प्यार का इजहार करते है. पर क्याँ आप वैलेंटाइन डे की कहानी जानते हो?
क्याँ आप जानते हो की वैलेंटाइन डे क्यों मनाया जाता है, वैलेंटाइन डे कब मनाया जाता है ? क्याँ है इसके पीछे का सच?
वेलेंटाइन दिवस या फिर संत वेलेंटाइन दिवस एक बहुत ही प्रमुख और अवकाश दिवस है. इस त्यौहार को 14 फरवरी के दिन पूरी दुनिया में मनाया जाता है.
जिस देश में अंग्रेजी  बोली जाती है, उस देश में वेलेंटाइन डे एक पारंपरिक दिवस के रूप में मनाया जाता है जिसमें प्रेमी (लवर) एक दूसरे के प्रति अपने प्रेम का इजहार फूल देकर, वेलेंटाइन ग्रीटिंग कार्ड देकर, रोस या टेडी आदि देकर करते है.
वेलेंटाइन डे का इतिहास
जब तीसरी सदी थी तो रोम में क्‍लॉडियस नाम का राजा था और उसी का राज हुआ करता था. क्‍लॉडियस मानते थे की विवाह (शादी) करने से पुरषों का दिमाग और शक्ति दोनों ही खत्म हो जाती है.
इसी सोच के साथ क्‍लॉडियस ने पूरे राज्य में यह आदेश जारी कर दिया की उसके जितने भी सैनिक और अधिकारी है वे विवाह नही करेंगे. पर जो संत वैलेंटाइन है उन्होंने क्‍लॉडियस के इस आदेश पर कड़ा विरोध जताया और पूरे साम्राज्य में लोगों को शादी करने के लिए प्रेरित किया.
संत वेलेंटाइन ने रोम में कई सैनिको और अधिकारियों की शादी करवाई. क्लॉडियस ने जब अपना विरोध देखा तो वे सह ना सका, उसने 14 फरवरी सन 269 में संत वेलेंटाइन को फ़ासी पर चढ़वा दिया. तब से उनकी याद में वैलेंटाइन डे का त्यौहार मनाया जाता है. यहीं कारण है की वैलेंटाइन डे का महत्व इतना बड़ा है.
वैसे तो प्यार करने वाले लोगो के लिए सारे दिन वैलेंटाइन दिन होते है और अपने लव पार्टनर से प्यार का इजहार करने और जताने के लिए कोई भी दिन और तारीख मायने नहीं रखती है.

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