Skip to main content

प्रधानमंत्री आवास योजना : इन 14 राज्यों में बनेंगे तीन लाख 21 हजार मकान

प्रधानमंत्री आवास योजना : इन 14 राज्यों में बनेंगे तीन लाख 21 हजार मकान

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शहरी गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी के अंतर्गत 18 हजार 203 करोड़ रुपए की लागत से हरियाणा, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और उत्तरप्रदेश सहित 14 राज्यों में तीन लाख 21 हजार 567 सस्ते मकानों के निर्माण को मंजूरी दी है।
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने बताया कि सस्ते मकानों के निर्माण को यह मंजूरी कल देर शाम हुई केंद्रीय आवंटन एवं निगरानी समिति की 32 वीं बैठक में दी गई।
ये मकान देशभर के 523 शहरों में बनाए जाएंगे। केंद्र सरकार ने हरियाणा में 70 हजार 671, पश्चिम बंगाल में 59 हजार 929, राजस्थान में 54 हजार 821, उत्तरप्रदेश में 39 हजार 683, गुजरात में 35 हजार 851, मिजोरम में 15 हजार 798, कर्नाटक में 11 हजार 941, महाराष्ट्र में 10 हजार 649, मध्यप्रदेश में 5426, बिहार में 8154, केरल में 5073, हिमाचल प्रदेश में 3345, पंजाब में 176 और गोवा में 60 मकानों के निर्माण को मंजूरी दी है।
इन मकानों की निर्माण लागत 18 हजार 203 करोड़ रुपए होगी और इसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 4553 करोड़ रुपए होगा। गोवा में भी किफायती मकानों के निर्माण को मंजूरी मिलने के साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी में सभी 35 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हो गए हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी के तहत अभी तक कुल 42 लाख 45 हजार 792 मकानों के निर्माण को मंजूरी दी जा चुकी है।

Comments

Popular posts from this blog

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास

जायफल: स्वादिष्ट मसाले का खून भरा इतिहास आज हम ऐसे मसाले की बात करने वाले हैओ जिसे आम तौर ख़िर में छिड़का जाता है । जी हाँ , जायफल की ! आपको शायद ताजुब्ब होगा कि ज्यादातर लोग शायद इसकी उत्पत्ति के बारे में विशेष रूप से कुछ नही जाने हैं ।समें कोई संदेह नहीं है – यह सुपरमार्केट में मसाला गलियारे से आता है, है ना? लेकिन इस मसाले के पीछे दुखद और खूनी इतिहास छुपा छह है । लेकिन सदियों से जायफल की खोज में हजारों लोगों की मौत हो गई है। जायफल क्या है? सबसे पहले हम जानते है कि आखिर ये जायफ़ल है क्या ? तो ये नटमेग मिरिस्टिका फ्रेंगनस पेड़ के बीज से आता है । जो बांदा द्वीपों की लंबीसदाबहार प्रजाति है जो इंडोनेशिया के मोलुकस या स्पाइस द्वीप समूह का हिस्सा हैं। जायफल के बीज की आंतरिक गिरी को जायफल में जमीन पर रखा जाता है ।जबकि अरिल (बाहरी लेसी कवर) से गुदा निकलता है। जायफल को लंबे समय से न केवल भोजन के स्वाद के रूप में बल्कि इसके औषधीय गुणों के लिए भी महत्व दिया गया है। वास्तव में जब बड़ी मात्रा में जायफल लिया जाता है तो जायफल एक ल्यूकोसिनोजेन है जो मिरिस्टिसिन नामक एक साइकोएक्टिव केम

P M JAY HOSPITAL LIST

P M JAY HOSPITAL LIST