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क्या एंडराॅयड स्मार्टफोन से जुड़ी ऐसी अफवाहें पर आप भी करते हैं विश्वास ?

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स्मार्टफोन से जुड़ी कई ऐसी अफवाहें हैं जिन्हें हम जाने-अनजाने ही सही मान कर विश्वास कर ही लेते हैं। जानें ऐसी ही कुछ अफवाहों के बारे में।

फोन उपायोग के दौरान अक्सर लोग आपको नसीहत देते नजर आएंगे कि ऐसा नहीं करना और वैसा नहीं करना। परंतु उनसे अगर पुछ लिया जाए कि क्यों न करें तो वहां जवाब नहीं होता है। क्येांकि लोग आज फोन से जुड़े कई अफवाओं को सच मान बैठे हैं। इन अफवाहोें का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं होता लेकिन लोग बड़ी लगन से इसे मानते हैं। आइए जानते हैं स्मार्टफोन से जुड़ी ऐसी ही कुछ अफवाह जिन्हें हम जाने-अनजाने ही सही पर विश्वास तो कर ही लेते हैं लेकिन वास्तव में उसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं होता।
1. पेट्रोल पंप पर स्मार्टफोन का उपयोग न करें
कई बार हमने यह खबर इंटरनेट, अखबार या टीवी के माध्यम से पढ़ी व सुनी होगी कि पेट्रोल पंप पर फोन का उपयोग करने से फोन में आग लग जाती है। इसलिए पेट्रोल पंप पर फोन का उपयोग नहीं करना चाहिए। लेकिन यह केवल एक अफवाह, मिथ या गलतफहमी है। साधारण सी बात है कि आग किसी चिंगारी से तो लग सकती है किंतु फोन या उसके सिग्नल से तो बिल्कुल नहीं। इलेक्ट्रानिक डिवाइस में आग लगने का खतरा हमेशा होता है। इस कारण इस तरह के सुरक्षा निर्देश दिए जाते हैं।

2. चार्जिंग के समय फोन पर बात नहीं करनी चाहिए
इस अफवाह पर तो हम में से कई लोग विश्वास भी करते है कि जब फोन चार्जिंग पर लगा हो तो उस समय फोन का उपयोग बात करने के लिए नहीं करना चाहिए। यहां तक कि यह भी अफवाह यह भी है कि ऐसा करने पर फोन फट भी सकता है। किंतु यह पूरी तरह सही नहीं है। लेकिन अगर आपके फोन की बैटरी क्वालिटी सही न हो या फिर बैटरी पुरानी हो तो ऐसा हो भी सकता है। लेकिन अच्छी कंपनी की बैटरी के साथ ऐसी कोई समस्या नहीं है।

3. पूरी रात फोन को चार्जिंग पर रखना
हम पूरे दिन घर से बाहर रहते हैं और फोन का उपयोग भी काफी करते हैं तो घर आकर रात को सोते समय फोन को चार्जिंग के लिए लगा देते हैं ताकि सुबह फोन पूरा चार्ज रहे और हमें चार्ज खत्म होने की चिंता न रहे। ऐसे में हम रात को उठकर फोन को चार्जिंग नहीं हटाते। कुछ लोग इसे ओवर चार्जिंग का खतरा बताते हैं लेकिन ऐसा नहीं है। फोन यदि सही है तो चार्ज फुल होने पर यह खुद ही आॅटोकट हो जाता है।
4. एयरप्लेन मोड पर रखना
जब आप फ्लाइट में सफर कर रहे होते हैं तो अक्सर आपसे कहा जाता है कि अपने फोन को एयरप्लेन मोड पर कर दें। क्योंकि इससे ऐरोप्लेन के सिग्नल में समस्या हो सकती है। जबकि ऐसा नहीं है। प्लेन के सिग्नल और फोन के सिग्नल अलग—अलग स्पेक्ट्रम पर कार्य करते हैं।

5. अधिक मेगापिक्सल मतलब शानदार फोटोग्राफी
अधिकतर लोग ऐसा सोचते हैं कि ज्यादा मेगापिक्सल कैमरा ही बेहतर तस्वीर ले सकता है। जबकि ऐसा नहीं है। क्योंकि बेहतर पिक्चर क्वालिटी सिर्फ मेगापिक्सल पिक्सल पर नहीं बल्कि सेंसर, लैंस और ​चिपसेट पर निर्भर करती है।

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